मस्तिष्क के साथ चुंबकीय हस्तक्षेप से झूठ बोलना असंभव
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, लाईफस्टाइल, breakingnews, gallery 9:46 pmवैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज से ऐसे संदिग्धों से सही सूचनाएं हासिल की जा सकती हैं जो सचाई उजागर करने के लिए इच्छुक नहीं हों.
इस्टोनियाई अनुसंधानियों ने पाया कि मस्तिष्क के सामने के हिस्से को चुंबक से उत्तेजित करने से झूठ बोलने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सकती है.
डेली मेल के अनुसार, वैज्ञानिक दल ने पाया कि जब माथे के ठीक पीछे मस्तिष्क के दाएं या बाएं हिस्से, डोरसोलेटेरल प्रिफंटल कॉर्टेक्स पर चुंबकों को रखा जाता है तो व्यक्ति चुंबक की स्थिति पर निर्भर करते हुए या तो झूठ बोलता है या सच.
अनुसंधानियों ने कहा, लेकिन मस्तिष्क के एक अन्य हिस्से, पेरिएटल लोब पर चुंबकीय हस्तक्षेप करने से लोगों की निर्णय करने की क्षमता पर कोई असर नहीं पाया गया है.
अध्ययन करने वाले अनुसंधानियों इंगा कार्टन और टेलिस बैकमैन ने कहा, ‘मस्तिष्क को उत्तेजित कर कम या ज्यादा झूठ बोलने के विकल्प को प्रभावित किया जा सकता है.’पेट्रोल के बाद रसोई गैस के लिए भी करनी पड़ सकती है जेब ढीली
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, देश-विदेश, breakingnews, gallery 8:52 pmकल पेट्रोल की कीमतें 3.14 रूपए बढ़ाने के बाद आज रसोई गैस की सब्सिडी कम करने पर कोई ठोस फैसला हो सकता है.
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अगुआई में इस संबंध में मंत्रियों के समूह की बैठक शुक्रवार को यानी आज हो रही है.
माना जा रहा है कि इस बैठक में रसोई गैस पर से सब्सिडी कम करने का फ़ैसला हो सकता है.
अभी प्रति सिलिंडर 267 रूपए की सब्सिडी मिलती है और एक सिलिंडर 395 रूपए में मिलता है. सरकार एलीपीजी पर सब्सिडी ख़त्म करना चाहती है.
योजना के मुताबिक किसी एक परिवार को एक साल में चार से छह सिलिंडर ही सब्सिडी वाले रेट पर मिलेंगे. अगर इससे ज्यादा की खपत हुई तो प्रति सिलिंडर 662 रूपए देने पड़ेंगे.
पिछले वित्त वर्ष 2010-11 में रसोई गैस पर सब्सिडी देने के कारण सरकार पर 23,746 करोड़ रुपए का बोझ था. सरकार इस सब्सिडी में कमी करना चाहती है.
माना जा रहा है कि अगर मंत्रियों के समूह ने सब्सिडी घटाने को मंज़ूरी दे दी, तो हर महीने रसोई गैस के सिलेंडर की क़ीमतों की समीक्षा होगी.
अमर सिंह को शर्तो के साथ जमानत दी अदालत ने
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, देश-विदेश, राजनीति, breakingnews, gallery 8:40 pmअव्वल तो ये कि उन्हें सिर्फ़ 19 सितंबर तक के लिए बेल दिया गया है जिसमें तीन दिन और बचे हैं. दूसरा ये कि वह दिल्ली छोड़ कर कहीं जा भी नहीं सकते.
तो एम्स की रिपोर्ट के आधार पर पहले से ही मानसिक रूप से बेचैन अमर सिंह जमानत की इन शर्तों को जान कर और बेचैन हो सकते हैं.
गुरूवार को तीस हजारी कोर्ट के जज ने कहा कि मानवीय आधार पर अमर सिंह को राहत दी जा रही है. हालांकि कोर्ट ने ये स्पष्ट किया कि इससे मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
अमर सिंह को दो लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिली है. इसके साथ ही कई शर्तें भी जोड़ दी गई है. अमर सिंह को हर हाल में 19 सितंबर को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा और तब तक वह दिल्ली के बाहर नहीं जा सकते हैं.
हालांकि बेल मिलने के बाद वह अपना इलाज एम्स के बदले किसी और अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं.
तीस हजारी कोर्ट के आदेश पर बुधवार को एम्स के निदेशक ने अमर सिंह के स्वास्थ्य से संबंधित सीलबंद रिपोर्ट अदालत में पेश की थी.
इस रिपोर्ट के मुताबिक गुर्दे की दिक्कत से ज्यादा अमर सिंह को मानसिक परेशानी है. उन्हें किसी मनोचिकित्सक से दिखाने की सलाह दी गई है.
अमर सिंह कैश फॉर वोट मामले में जेल में हैं. लेकिन सोमवार को गुर्दे में शिकायत के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया.
जिसके बाद कोर्ट ने एम्स प्रशासन से अमर सिंह के स्वास्थ्य संबंधी पूरी रिपोर्ट मांगी.
अमर सिंह को 6 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था.
उन्होंने अपने स्वास्थ्य को आधार बनाकर अंतरिम जमानत याचिका दायर की है.
नोट के बदले वोट मामले में अमर सिंह के अलावा भारतीय जनता पार्टी के दो अन्य सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोरा भी न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश जारी किया गया था.
अमर सिंह पर 2008 के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस के लिए वोट खरीदने का आरोप है.
निलंबित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने मोदी को लिखी खुली चिट्ठी
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, देश-विदेश, breakingnews, gallery 8:38 pmभट्ट ने इस खत में मोदी को बड़े भाई के तौर पर संबोधित करते हुए लिखा है कि जकिया जाफरी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उन्होंने गलत मतलब निकाला है और छह करोड़ गुजरातियों को गुमराह किया है.
भट्ट ने मोदी के सद्भभावना उपवास पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि जब तक 2002 के दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, राज्य में सद्भावना नहीं आएगी.
उल्लेखनीय है कि गुलबर्ग सोसायटी दंगा मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोदी ने तीन दिन के उपवास की घोषणा की है.
गौरतलब है कि 12 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों को रोकने के लिए कथित तौर पर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने पर फैसला सुनाने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को अपनी रिपोर्ट निचली अदालत को देने को कहा है. कोर्ट ने दंगों के मामलों में जांच कर रहे एसआईटी को उसकी अंतिम रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के समक्ष दाखिल करने को कहा.
मजिस्ट्रेट से कहा गया है कि मोदी और वरिष्ठ अधिकारियों समेत 63 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने या नहीं करने का फैसला करें. साथ ही पीठ ने साफ किया कि उसे दंगों के मामले में आगे निगरानी रखने की जरूरत नहीं है.
अदालत ने ये फैसला जाकिया की याचिका पर सुनाया था. जाकिया ने आरोप लगाया था कि मोदी और सरकार के 62 आला अधिकारियों ने जानबूझकर प्रदेश में भड़के दंगों को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की.
कोर्ट के इस फैसले के बाद मोदी ने ट्वीट किया था- गॉड इज़ ग्रेट.
अमेरिका की पकिस्तान कों हक्कानी नेटवर्क पर लगाम लगाने की चेतावनी
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, देश-विदेश, breakingnews, gallery 8:36 pmअफगानिस्तान की राजधानी काबुल में दो दिन पहले अमेरिकी दूतावास और नाटो मुख्यालय के पास आतंकी हमले हुए थे.
इसमें आतंकवादियों समेत 16 लोग मारे गए थे. इससे पहले 9/11 की बरसी पर भी नाटो मुख्यालय पर ट्रक बम से हमला हुआ जिसमें 50 से ज्यादा अमरीकी सैनिक घायल हो गए.
सैन फांसिस्को में गुरुवार को अमेरिका के रक्षामंत्री लियोन पेनेटा ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तानी सरकार अब तक हक्कानी नेटवर्क के उग्रवादियों को नहीं पकड़ सकी है जिन पर वाशिंगटन ने मंगलवार के इस हमले को अंजाम देने का संदेह जताया था. इस हमले में 15 लोग मारे गये और छह विदेशी जवान घायल हुए थे.
पेनेटा ने सैन फांसिस्को जाते समय विमान में संवाददाताओं से कहा, 'हमने कई बार पाकिस्तान को हक्कानी समूह के आतंकी हमलों को रोकने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए कहा पर इस दिशा में शायद ही कुछ किया गया.'
उन्होंने कहा, 'मै यह नहीं बता सकता कि हम बदले में क्या कार्रवाई करेंगे पर मैं यह कह सकता हूं कि हम आगे ऐसे हमलों को जारी रहने नहीं देंगे.'
मंगलवार को काबुल में हुए हमलों से पहले वरदाक प्रांत में स्थित नाटो के शिविर पर शनिवार को हुए आतंकी हमलों के लिए भी अमेरिका ने हक्कानी नेटवर्क के उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया था. इस हमले में अमेरिका के 77 जवान घायल हुए थे.
हालांकि पाकिस्तान ने भी पनेटा की चेतावनी का जवाब दिया है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा है कि रोज रोज के इस तरह के अमेरिकी बयान से दोनों देशों के संबंध बिगड़ सकते हैं.
बालकृष्ण के पासपोर्ट की सुनवाई की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर
Posted by राजबीर सिंह उत्तराखंड, क्षेत्रीय, ताजा खबरें, breakingnews, gallery 8:29 pmयोगगुरु बाबा रामदेव के निकटतम सहयोगी बालकृष्ण के अधिवक्ता राजेन्द्र डोभाल ने बताया कि न्यायाधीश तरुण अग्रवाल की एकल पीठ ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुये केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की दलीलों को सुना और इसकी अंतिम सुनवाई के लिये 12 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की है.
हाई कोर्ट ने बालकृष्ण की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक के लिये रोक लगा रखी है. बालकृष्ण के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने कथित फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल कर रखा है.
गुरुवार को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने यह पाया कि बालकृष्ण की नागरिकता पर फैसला लेने के लिये जांच चल रही है. साथ ही उनके पासपोर्ट को निरस्त करने की कार्रवाई भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जानी है.
