वैष्णोदेवी में इस साल श्रदालुओं की संख्या ने रिकार्ड कायम किया
Posted by राजबीर सिंह आध्यात्म, ताजा खबरें, देश-विदेश, breakingnews, gallery 7:00 pmइस साल के शुरुआती आठ महीनों में ही 65 लाख 97 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी की गुफा के दर्शन किए,जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है.
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि यह संख्या पिछले साल आने वाले श्रद्धालुओं से आठ लाख अधिक है.
जन्माष्टमी पर मंदिरों में सजावट, तैयरियां भी ज़ोरों पर
Posted by राजबीर सिंह आध्यात्म, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 5:01 amउत्तराखंड के विभिन्न जिलों में रविवार से आयोजित किये जाने वाले कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए सैकडों मंदिरों को फूलों, बिजली की झालरों तथा रंगबिरंगी झंडियों से आकषर्क ढंग से सजाया गया है.
राज्य में विभिन्न स्थानों पर कई मंदिर समितियों ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर खुले मैदानों को विशेष पंडालों से सजाया है, जिनमें झांकियों और गीत संगीत के साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जायेगा.
देहरादून के चैतन्य गौडीय मठ के राधाकृष्ण मंदिर, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, राधामोहन मंदिर, रामजानकी मंदिर, चंद्रदेव मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, नागेर महादेव मंदिर, बडा हनुमान मंदिर सहित अन्य कई मंदिरों को बेहद आकषर्क ढंग से सजाया गया है. इन मंदिरों में रविवार से जन्मोत्सव का कार्यक्रम शुरू कर दिया जायेगा .
पृथ्वीनाथ महादेव के सचिव रविन्द्रपुरी ने शनिवार को बताया कि भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया गया है तथा भगवान की लीलाओं से संबधित विभिन्न प्रकार की झांकियों का भी प्रदर्शन किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी है.
देश में इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी तीन दिन मनायी जायेगी जबकि आम तौर पर तिथि और नक्षत्र को लेकर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव दो दिन मनाया जाता है.
विक्रम संवत 2068 के अनुसार इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी कल तथा 22 और 23 तारीखों को तिथि और नक्षत्र के आधार पर मनायी जायेगी. इस सिलसिले में उत्तराखंड विद्वत सभा के उपाध्यक्ष भरत राम तिवारी ने बताया कि उपासक अपने अपने योग के अनुसार इस पर्व को मना सकते हैं.
तिथि के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी रविवार को पड़ रही है क्योंकि इस दिन ही अष्टमी है जबकि नक्षत्र के अनुसार 22 तारीख को लोग यह पर्व मनायेंगे. अष्टमी की तिथि तो 21 तारीख को पड़ रही है लेकिन रोहिणी नक्षत्र 22 अगस्त से शुरू होकर 23 तारीख तक रहेगा.
पंचाग के अनुसार रविवार को लगभग 2.25 बजे से अष्टमी शुरू हो जायेगी जो 22 तारीख को अपराह्न चार बजे तक रहेगी लेकिन रोहिणी नक्षत्र 22 को दिन में दो बजकर आठ मिनट पर शुरू होगा और 23 तारीख मंगलवार को अपराह्न चार बजकर आठ मिनट तक रहेगा. इसके कारण कुछ श्रद्धालु 23 तारीख को भी जन्माष्टमी मनायेंगे.
अयोध्या स्थित मणिराम छावनी के श्रीमहंत नृत्यगोपालदास के आदेश पत्र के अनुसार इस वर्ष वैरागी कैंप के श्रद्धालु 23 तारीख को कृष्ण जन्माष्टमी मनायेंगे. इसके लिये लाखों की संख्या में वैरागी शिविर के श्रद्धालुओं को पहले से ही बताया जा चुका है.
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अन्ना हज़ारे कों बाबा रामदेव का पूर्ण समर्थन
Posted by राजबीर सिंह आध्यात्म, उत्तराखंड, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 10:05 pmकालेधन के खिलाफ अपने अनशन के दौरान रामलीला मैदान पर पुलिस की कड़ाई कार्रवाई झेल चुके बाबा रामदेव रविवार को गांधीवादी अन्ना हज़ारे के समर्थन में उतर आए. उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मिटाने में लग जाती है.
हज़ारे पर कांगेस और सरकार के आरोप लगाने के बाद बाबा रामदेव ने हरिद्वार में बयान जारी कर कहा, राष्ट्रहित के जनांदोलन को तानाशाही तरीके से कुचलने का सरकार का षड्यंत्र पूरी तरह से अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और गैर-जिम्मेदाराना है.
उन्होंने कहा, अन्ना हज़ारे सहित जो भी व्यक्ति कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है और आंदोलन करता है, सरकार भ्रष्टाचार मिटाने और कालाधन देश में वापस लाने के बजाय उस व्यक्ति पर ही आरोप लगाकर उसे बदनाम करने और मिटाने में लग जाती है. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.
गौरतलब है कि बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में जून में हज़ारे ने हालांकि एक दिन का अनशन किया था लेकिन कहा था कि उनके और रामदेव के बीच कुछ मुद्दे हैं जिन पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है. इसके बाद ही दोनों में कुछ असहज संबन्ध नजर आये थे.
अभी भी हज़ारे और रामदेव दोनों ने एक बार भी खुलकर यह नहीं कहा कि वे 16 अगस्त से प्रस्तावित गांधीवादी कार्यकर्ता के अनशन के दौरान एकसाथ मौजूद रहेंगे.
रामलीला मैदान की घटना के बाद से बाबा रामदेव के ट्रस्ट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहा है.चारधाम मार्ग खुल जाने से यात्रियों को मिली राहत
Posted by राजबीर सिंह आध्यात्म, उत्तराखंड, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 11:27 pmयात्रा मार्ग खुल जाने से यात्रियों को राहत मिली. हालांकि आज तडके गंगोत्री और केदारनाथ मार्ग थोडी देर के लिये बंद रहे लेकिन कर्मचारियों ने जल्द ही मलवा हटाकर उन मार्गों को भी यातायात के लिये चालू कर दिया.
राज्य के लिये जीवन रेखा के रूप में माने जाने वाली चारधाम तीर्थयात्रा के लिये आये हजारों यात्रियों के वाहनों की लंबी कतार देखी गयीं थीं.
तीर्थयात्रा पर आये यात्री जगह जगह विश्राम भवनों में रूके हुये थे. यात्रा मार्ग के आज खुल जाने से यात्रियों में प्रसन्नता देखी गयी. श्रावण के अंतिम दिन आज केदारनाथ जाने वालों की अच्छी खासी संख्या देखी गयी.
आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज अपेक्षाकृत कम हुई वर्षा से लोगों का राहत मिली है.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इसी तरह हिन्दुओं के सर्वोच्च तीर्थ बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर सिरोबगड के पास आये मलवे को आज तडके साफ कर लिया गया जिससे यातायात बहाल हो गयी है.
सूत्रों के अनुसार इसी तरह अन्य मार्गों पर भी जगह जगह आये मलवे को साफ कर यातायात को चालू कर दिया गया है.
सूत्रों ने बताया कि वर्षा के कारण उत्तरकाशी जिले के सैंज के पास आज फिर तडके पहाडी के ऊपर से मलवा आने से रिषिकेश-गंगोत्री मार्ग को थोडी देर के लिये बंद करना पडा था लेकिन बाद में रास्ते को खोल दिया गया जिससे काफी संख्या में फंसे हुये यात्रियों को राहत मिली .
सूत्रों के अनुसार श्रावण मास के अंतिम दिन के चलते केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की संख्या अच्छी खासी थी. द्वादश शिवलिंगों में एक और सबसे ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ के दर्शन के लिये दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु तथा अन्य राज्यों के यात्री भारी संख्या में पहुंचे हुये हैं.
सूत्रों ने बताया कि राज्य में मुख्य मार्गों को छोडकर करीब 125 की संख्या में संपर्क मागरें पर मलवा आने से इन पर यातायात अभी भी बंद है.
राज्य में इस वर्ष जारी वर्षा के और उससे होने वाली आपदा के प्रभाव के कारण मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आपदा राहत से संबधित कर्मचारियों की सभी प्रकार की छुट्टियों को रद्द करने का निर्देश पहले से ही दे रखा है.
बढ़ने वाली हैं आचार्य बालकृष्ण और योग गुरू बाबा रामदेव की मुश्किलें : सूत्र
Posted by राजबीर सिंह आध्यात्म, उत्तराखंड, ताजा खबरें, देश-विदेश, राजनीति 5:49 amसूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निर्देशालय (ईडी) को बालकृष्ण के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निषेध कानून के तहत कार्रवाई के लिए हरी झंडी मिल गई है और निदेशालय इस पर पर विचार कर रहा है।
यदि ऎसा हुआ तो बालकृष्ण के स्वामित्व वाली कंपनियों की संपत्ति जब्त हो सकती हैं।
गौरतलब है कि आचार्य बालकृष्ण आस्था चैनल समेत कई कंपनियों के करीब 100 फीसदी तक के मालिक हैं। पतंजलि योगपीठ और उससे जु़डे करीब सभी संगठनों व कंपनियों के व्यावसायिक मामले बालकृष्ण ही देखते हैं। ज्ञात रहे तीन दर्जन से अधिक अपराधों को मनी लॉन्ड्रिंग के कानून के दायरे में रखा गया है, उनमें पासपोर्ट कानून का उल्लंघन भी शामिल है।
इनमें से किसी में भी मुकदमा दर्ज होने की स्थिति में ईडी आरोपियों के खिलाफ अपने आप मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के कानून के तहत अलग से मुकदमा दर्ज कर सकता है। ईडी के उच्चा पदस्थ एक अधिकारी का कहना है कि गतल तरीके से प्राप्त किए पासपोर्ट से बालकृष्ण ने जो भी आर्थिक लाभ प्राप्त किए हैं, उन्हें अपराध से की गई कमाई माना जाएगा और मनी लॉन्ड्रिंग निषेध कानून के तहत उसे जब्त किया जा सकता है।
ऎसा संपत्तियों को पता लगाकर उन्हें जब्त करने की जिम्मेदारी ईडी की होती है। ईडी इससे पहले किडनी रैकेट चलाने वाले डॉ अमित कुमार और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोंडा की संपत्तियों को इस कानून के तहत जब्त कर चुका है।
अधिकारी ने कहा कि बालकृष्ण के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के कानून के तहत कार्रवाई के लिए कह दिया गया है और ईडी इस दिशा में जरूरी कदम उठाने पर विचार कर रहा है।
बालकृष्ण सीबीआई के सामने पेश, सात घंटे तक चली पूछताछ
Posted by राजबीर सिंह आध्यात्म, उत्तराखंड, ताजा खबरें, देश-विदेश, राजनीति 9:05 pm
आखिरकार बुधवार को आचार्य बालकृष्ण सीबीआई के सामने पेश हो ही गए। लगभग सात घंटे तक चली पूछताछ के बाद जब वे बाहर निकले तो उनके चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था। सीबीआई परिसर में खड़ी कार में सवार होकर वे चले गए। पत्रकारों से उन्होंने कोई बात नहीं की और बंद कार में ही बैठे रहे। सीबीआई ने उनसे क्या सवाल पूछे इस बारे में भी वे और उनके वकील मौन ही साधे रहे। इतना भर कहा कि सीबीआई ने बालकृष्ण को चार अगस्त को दुबारा बुलाया है। पर पांच अगस्त तक बालकृष्ण को पासपोर्ट हाईकोर्ट में जमा करने हैं।
इसलिए वे चार को सीबीआई कार्यालय पहुंचेंगे या नहीं इसका निर्णय सोच-समझकर लिया जाएगा। सीबीआई के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पहले दिन बालकृष्ण के जीवन से जुड़े तथ्यों से संबंधित केवल प्रारंभिक जानकारी जुटाई गई है। गंभीर सवालों का सिलसिला अगले दौर से शुरू होगा।
फर्जी पासपोर्ट के मामले में बालकृष्ण के खिलाफ सीबीआई ने बीती 24 जुलाई रिपोर्ट दर्ज की थी। उसके बाद समन जारी किया गया था। पर वे सीबीआई कार्यालय नहीं पहुंचे थे। हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेने के बाद वे बुधवार को पहली बार सीबीआई कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचते ही उनके समर्थकों ने वंदे मातरम् और भारत माता के जय का उद्घोष किया। आचार्य के चेहरे पर तनाव था।
मीडिया कर्मियों ने सवाल दागे तो आचार्य मौन ही रहे। उन्होंने सीबीआई कार्यालय में प्रवेश करते हुए इतनाभर कहा कि लौटने के बाद कुछ बता सकेंगे। उनके साथ गए दो वकील प्रवीण सेठ और नंदित श्रीवास्तव भी सीबीआई के अतिथि कक्ष में बैठे रहे। वे पूछताछ के दौरान आचार्य के साथ नहीं थे। शाम लगभग साढ़े छह बजे बालकृष्ण सीबीआई आफिस से परिसर में आए। उनके चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था।
तेजी से चलते हुए वे परिसर में खड़ी महंगी कार में सवार हो गए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उनकी कार बाहर निकाली गई। उनके जाते ही आचार्य के वकील प्रवीण सेठ व नंदित श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि वे सीबीआई की पूछताछ के बाबत जानकारी नहीं दे सकते
कपड़े सादे पर गड़िया लग्जरी
आचार्य भले ही सफेद रंग के सादे सूती वस्त्रों में सीबीआई दफ्तर पहुंचे हों, मगर उनका काफिला महंगी लग्जरी कारों और पर्सनल सिक्योरिटी के पूरे नेटवर्क से लैस था। उनके काफिले में जापानी कंपनी टोयोटा की एसयूवी फॉरज्यूनर, कोरोला अल्टिस, इनोवा तथा होंडा की सीआरवी शामिल थी।
आचार्य के करीब सात पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड भी मौजूद थे। इनके पास एक पर्सनल वायरलैस नेटवर्क भी था जो करीब 3 किमी तक की रेंज में काम करता है। बताया जा रहा है कि पतंजलि में करीब 50 ऐसे वायरलैस हैं जो कि सुरक्षा के लिहाज से इस्तेमाल होते हैं।
इसके अलावा इनका उपयोग कहीं जाते वक्त गाड़ियों के काफिले को कंट्रोल करने के लिए होता है। बुधवार को भी आचार्य के साथ आए पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड्स का पुलिस और मीडियाकर्मियों से विवाद हो गया।
बालकृष्ण को सीबीआई ने पेश होने के लिए 4 अगस्त तक की मोहलत दी
Posted by राजबीर सिंह आध्यात्म, उत्तराखंड, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 11:26 pmसीबीआई ने आचार्य बालकृष्ण को आगामी 4 तक पेश होने को कहा है. हालांकि बालकृष्ण ने फिरसे 10 दिन का समय मांगा है.
गौरतलब है कि इससे पहले केन्द्रीय जांच ब्यूरो की प्रवक्ता धारिनी मिश्रा ने टेलीफोन पर दिल्ली से बताया कि बालकृष्ण ने एक फैक्स भेजकर अनुरोध किया था कि उनके पास अभी उनका पासपोर्ट नहीं हैं इसलिये उन्हें पासपोर्ट लेकर सीबीआई कार्यालय पहुंचने के लिये 20 दिन का समय दिया जाये, लेकिन सीबीआई ने उनसे कहा कि वह बिना पासपोर्ट के ही सीबीआई कार्यालय में पहुंचें ताकि उनसे आवश्यक पूछताछ की जा सके.
उत्तराखंड पुलिस ने कल हरिद्वार स्थित बालकृष्ण के आवास पर एक नोटिस चस्पां किया था जिसमें बालकृष्ण को आज देहरादून के सीबीआई कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था लेकिन उन्होने सीबीआई को एक फैक्स भेजकर बीस दिन का समय देने का आग्रह किया .
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केवल खुराना ने बताया कि बालकृष्ण के गत सोमवार से लापता होने के बाद से आज तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिली है . पुलिस उनके लापता होने के मामले की जांच कर रही है .
खुराना ने कहा कि सीबीआई का नोटिस कल हरिद्वार के दिव्ययोग मंदिर आश्रम स्थित आवास के बाहर चिपकाया गया था जिसमें बालकृष्ण को आवश्यक पूछताछ के लिये आज सीबीआई के देहरादून स्थित कार्यालय में पेश होने को कहा गया था .
बालकृष्ण द्वारा कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में सीबीआई ने उनके खिलाफ गत रविवार को मुकदमा दर्ज किया था . सोमवार से बालकृष्ण का कुछ पता नहीं है .
खुराना ने बताया कि कांवड़ मेले के बाद बालकृष्ण की तलाश में तेजी लायी जायेगी .
हरिद्वार के शहर पुलिस अधीक्षक किरन लाल शाह ने भाषा को बताया था कि बालकृष्ण के गनर जयेन्द्र सिंह आसवाल ने गत सोमवार की रात कनखल थाने में बालकृष्ण के लापता होने की लिखित सूचना दी थी जिसके आधार पर उनके लापता होने का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है .
आसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, गत सोमवार की सुबह वह आचार्य बालकृष्ण के दिव्य योग आश्रम स्थित आवास पर पहुंचा ताकि वह उनको लेकर पतंजलि योगपीठ के कार्यालय जा सके लेकिन बालकृष्ण ने उससे कार्यालय जाने को कहा.
रिपोर्ट के अनुसार, बालकृष्ण ने कहा था कि वह बाद में कार्यालय पहुंच जायेंगे लेकिन शाम तक बालकृष्ण अपने कार्यालय नहीं पहंचे . इसके बाद आसवाल ने उनकी पड़ताल की. वह नहीं मिले तब उसने कनखल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई.
शाह ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज किये जाने के बाद से ही पुलिस ने बालकृष्ण का पता करने के लिये जांच शुरू कर दी है . हालांकि अभी तक उनका कोई पता नहीं चला है . बालकृष्ण अपने पतंजलि योगपीठ में भी नहीं हैं .
दूसरी ओर कनखल थाना सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज किये जाने के बाद बालकृष्ण के निजी सचिव से जब पूछताछ की गयी तो बताया गया कि वह किसी कार्य से कहीं गये हुये हैं और जल्द ही लौट आयेंगे .
केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा योग गुरू बाबा रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण के खिलाफ जांच की प्रक्रि या तेज करने के बाद अब उत्तराखंड पुलिस ने भी बाबा रामदेव को अपने घेरे में लेने की तैयारी शुरू कर दी है .
खुराना ने बताया कि कांवड़ मेले के बाद जिले में लोगों के गुमशुदगी के मामलों की जांच की जायेगी जिसमें बाबा रामदेव के गुरू शंकरदेव भी शामिल हैं . बाबा रामदेव के गुरू पिछले चार वष्रों से लापता हैं .
उन्होंने कहा कि जिले में लापता हुये लोगों के मामले की जांच का उन्होंने आदेश दिया है और कांवड़ मेले के बाद यह जांच शुरू की जायेगी .
खुराना ने कहा कि जिन लापता हुये लोगों की जांच पहले की गयी थी उनके मामले की विवेचना की जायेगी . यदि आवश्यकता पड़ी तो उन मामलों की जांच पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईएस) द्वारा करायी जायेगी . इसमें बाबा रामदेव के गुरू के लापता होने का मामला भी है .
इस बीच, आचार्य बालकृष्ण की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उन्होंने वीजा हासिल करने के लिये ब्रिटेन दूतावास में अपना पासपोर्ट भेजा है और उन्हें सीबीआई के समक्ष पेश होने के लिये 20 दिन का वक्त चाहिये.
बालकृष्ण ने इस बयान के साथ सीबीआई के देहरादून स्थित पुलिस निरीक्षक योगेश सिंह देव को भेजे फैक्स की प्रति भी जारी की.
इस फैक्स में कहा गया, ‘‘जब मैंने सीबीआई के नोटिस को पढ़ा तो मुझे ज्ञात हुआ कि मुझे अपने मूल पासपोर्ट और पासपोर्ट हासिल करने के लिये लगाये गये अन्य सभी मूल दस्तावेजों के साथ 28 जुलाई को सुबह 11 बजे आपके दफ्तर में उपस्थित होना है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस संदर्भ में आपको सूचित करना है कि मेरा पासपोर्ट वीजा के लिये दिल्ली स्थित ब्रिटेन दूतावास में लगाया गया है. इंटरनेट पर अपने वीजा से संबंधित जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि दूतावास से वीजा के संबंध में करीब 20 दिन बाद जवाब मिलेगा. इस संदर्भ में मैं उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी से भी सलाह-मशविरा कर रहा हूं.’’
बालकृष्ण ने सीबीआई अधिकारी से कहा, ‘‘लिहाजा, इस आलोक में आपसे अनुरोध है कि मुझे आपके समक्ष हाजिर होने के लिये 20 दिन बाद की कोई तारीख दें.’’
आचार्य बालकृष्ण की ओर से जारी इस बयान में यह नहीं बताया गया कि फिलहाल वह कहां हैं.