जन्माष्टमी पर मंदिरों में सजावट, तैयरियां भी ज़ोरों पर
आध्यात्म, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 5:01 am
उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में रविवार से आयोजित किये जाने वाले कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए सैकडों मंदिरों को फूलों, बिजली की झालरों तथा रंगबिरंगी झंडियों से आकषर्क ढंग से सजाया गया है.
राज्य में विभिन्न स्थानों पर कई मंदिर समितियों ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर खुले मैदानों को विशेष पंडालों से सजाया है, जिनमें झांकियों और गीत संगीत के साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जायेगा.
देहरादून के चैतन्य गौडीय मठ के राधाकृष्ण मंदिर, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, राधामोहन मंदिर, रामजानकी मंदिर, चंद्रदेव मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, नागेर महादेव मंदिर, बडा हनुमान मंदिर सहित अन्य कई मंदिरों को बेहद आकषर्क ढंग से सजाया गया है. इन मंदिरों में रविवार से जन्मोत्सव का कार्यक्रम शुरू कर दिया जायेगा .
पृथ्वीनाथ महादेव के सचिव रविन्द्रपुरी ने शनिवार को बताया कि भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया गया है तथा भगवान की लीलाओं से संबधित विभिन्न प्रकार की झांकियों का भी प्रदर्शन किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी है.
देश में इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी तीन दिन मनायी जायेगी जबकि आम तौर पर तिथि और नक्षत्र को लेकर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव दो दिन मनाया जाता है.
विक्रम संवत 2068 के अनुसार इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी कल तथा 22 और 23 तारीखों को तिथि और नक्षत्र के आधार पर मनायी जायेगी. इस सिलसिले में उत्तराखंड विद्वत सभा के उपाध्यक्ष भरत राम तिवारी ने बताया कि उपासक अपने अपने योग के अनुसार इस पर्व को मना सकते हैं.
तिथि के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी रविवार को पड़ रही है क्योंकि इस दिन ही अष्टमी है जबकि नक्षत्र के अनुसार 22 तारीख को लोग यह पर्व मनायेंगे. अष्टमी की तिथि तो 21 तारीख को पड़ रही है लेकिन रोहिणी नक्षत्र 22 अगस्त से शुरू होकर 23 तारीख तक रहेगा.
पंचाग के अनुसार रविवार को लगभग 2.25 बजे से अष्टमी शुरू हो जायेगी जो 22 तारीख को अपराह्न चार बजे तक रहेगी लेकिन रोहिणी नक्षत्र 22 को दिन में दो बजकर आठ मिनट पर शुरू होगा और 23 तारीख मंगलवार को अपराह्न चार बजकर आठ मिनट तक रहेगा. इसके कारण कुछ श्रद्धालु 23 तारीख को भी जन्माष्टमी मनायेंगे.
अयोध्या स्थित मणिराम छावनी के श्रीमहंत नृत्यगोपालदास के आदेश पत्र के अनुसार इस वर्ष वैरागी कैंप के श्रद्धालु 23 तारीख को कृष्ण जन्माष्टमी मनायेंगे. इसके लिये लाखों की संख्या में वैरागी शिविर के श्रद्धालुओं को पहले से ही बताया जा चुका है.
| |