चारधाम मार्ग खुल जाने से यात्रियों को मिली राहत
आध्यात्म, उत्तराखंड, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 11:27 pm
यात्रा मार्ग खुल जाने से यात्रियों को राहत मिली. हालांकि आज तडके गंगोत्री और केदारनाथ मार्ग थोडी देर के लिये बंद रहे लेकिन कर्मचारियों ने जल्द ही मलवा हटाकर उन मार्गों को भी यातायात के लिये चालू कर दिया.
राज्य के लिये जीवन रेखा के रूप में माने जाने वाली चारधाम तीर्थयात्रा के लिये आये हजारों यात्रियों के वाहनों की लंबी कतार देखी गयीं थीं.
तीर्थयात्रा पर आये यात्री जगह जगह विश्राम भवनों में रूके हुये थे. यात्रा मार्ग के आज खुल जाने से यात्रियों में प्रसन्नता देखी गयी. श्रावण के अंतिम दिन आज केदारनाथ जाने वालों की अच्छी खासी संख्या देखी गयी.
आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज अपेक्षाकृत कम हुई वर्षा से लोगों का राहत मिली है.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इसी तरह हिन्दुओं के सर्वोच्च तीर्थ बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर सिरोबगड के पास आये मलवे को आज तडके साफ कर लिया गया जिससे यातायात बहाल हो गयी है.
सूत्रों के अनुसार इसी तरह अन्य मार्गों पर भी जगह जगह आये मलवे को साफ कर यातायात को चालू कर दिया गया है.
सूत्रों ने बताया कि वर्षा के कारण उत्तरकाशी जिले के सैंज के पास आज फिर तडके पहाडी के ऊपर से मलवा आने से रिषिकेश-गंगोत्री मार्ग को थोडी देर के लिये बंद करना पडा था लेकिन बाद में रास्ते को खोल दिया गया जिससे काफी संख्या में फंसे हुये यात्रियों को राहत मिली .
सूत्रों के अनुसार श्रावण मास के अंतिम दिन के चलते केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की संख्या अच्छी खासी थी. द्वादश शिवलिंगों में एक और सबसे ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ के दर्शन के लिये दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु तथा अन्य राज्यों के यात्री भारी संख्या में पहुंचे हुये हैं.
सूत्रों ने बताया कि राज्य में मुख्य मार्गों को छोडकर करीब 125 की संख्या में संपर्क मागरें पर मलवा आने से इन पर यातायात अभी भी बंद है.
राज्य में इस वर्ष जारी वर्षा के और उससे होने वाली आपदा के प्रभाव के कारण मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आपदा राहत से संबधित कर्मचारियों की सभी प्रकार की छुट्टियों को रद्द करने का निर्देश पहले से ही दे रखा है.