बालकृष्ण सीबीआई के सामने पेश, सात घंटे तक चली पूछताछ
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आखिरकार बुधवार को आचार्य बालकृष्ण सीबीआई के सामने पेश हो ही गए। लगभग सात घंटे तक चली पूछताछ के बाद जब वे बाहर निकले तो उनके चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था। सीबीआई परिसर में खड़ी कार में सवार होकर वे चले गए। पत्रकारों से उन्होंने कोई बात नहीं की और बंद कार में ही बैठे रहे। सीबीआई ने उनसे क्या सवाल पूछे इस बारे में भी वे और उनके वकील मौन ही साधे रहे। इतना भर कहा कि सीबीआई ने बालकृष्ण को चार अगस्त को दुबारा बुलाया है। पर पांच अगस्त तक बालकृष्ण को पासपोर्ट हाईकोर्ट में जमा करने हैं।
इसलिए वे चार को सीबीआई कार्यालय पहुंचेंगे या नहीं इसका निर्णय सोच-समझकर लिया जाएगा। सीबीआई के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पहले दिन बालकृष्ण के जीवन से जुड़े तथ्यों से संबंधित केवल प्रारंभिक जानकारी जुटाई गई है। गंभीर सवालों का सिलसिला अगले दौर से शुरू होगा।
फर्जी पासपोर्ट के मामले में बालकृष्ण के खिलाफ सीबीआई ने बीती 24 जुलाई रिपोर्ट दर्ज की थी। उसके बाद समन जारी किया गया था। पर वे सीबीआई कार्यालय नहीं पहुंचे थे। हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेने के बाद वे बुधवार को पहली बार सीबीआई कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचते ही उनके समर्थकों ने वंदे मातरम् और भारत माता के जय का उद्घोष किया। आचार्य के चेहरे पर तनाव था।
मीडिया कर्मियों ने सवाल दागे तो आचार्य मौन ही रहे। उन्होंने सीबीआई कार्यालय में प्रवेश करते हुए इतनाभर कहा कि लौटने के बाद कुछ बता सकेंगे। उनके साथ गए दो वकील प्रवीण सेठ और नंदित श्रीवास्तव भी सीबीआई के अतिथि कक्ष में बैठे रहे। वे पूछताछ के दौरान आचार्य के साथ नहीं थे। शाम लगभग साढ़े छह बजे बालकृष्ण सीबीआई आफिस से परिसर में आए। उनके चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था।
तेजी से चलते हुए वे परिसर में खड़ी महंगी कार में सवार हो गए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उनकी कार बाहर निकाली गई। उनके जाते ही आचार्य के वकील प्रवीण सेठ व नंदित श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि वे सीबीआई की पूछताछ के बाबत जानकारी नहीं दे सकते
कपड़े सादे पर गड़िया लग्जरी
आचार्य भले ही सफेद रंग के सादे सूती वस्त्रों में सीबीआई दफ्तर पहुंचे हों, मगर उनका काफिला महंगी लग्जरी कारों और पर्सनल सिक्योरिटी के पूरे नेटवर्क से लैस था। उनके काफिले में जापानी कंपनी टोयोटा की एसयूवी फॉरज्यूनर, कोरोला अल्टिस, इनोवा तथा होंडा की सीआरवी शामिल थी।
आचार्य के करीब सात पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड भी मौजूद थे। इनके पास एक पर्सनल वायरलैस नेटवर्क भी था जो करीब 3 किमी तक की रेंज में काम करता है। बताया जा रहा है कि पतंजलि में करीब 50 ऐसे वायरलैस हैं जो कि सुरक्षा के लिहाज से इस्तेमाल होते हैं।
इसके अलावा इनका उपयोग कहीं जाते वक्त गाड़ियों के काफिले को कंट्रोल करने के लिए होता है। बुधवार को भी आचार्य के साथ आए पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड्स का पुलिस और मीडियाकर्मियों से विवाद हो गया।