अन्ना के समर्थन में राजघाट के पास आत्मदाह का प्रयास
एन सी आर, क्षेत्रीय, ताजा खबरें, राजनीति 3:32 am
करीब 80 फीसद झुलसे हुए युवक को उपचार के लिए लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसकी हालत गंभीर बतायी जाती है.
पुलिस के अनुसार बिहार के पटना जिले के सैर्फुदीनपुर गांव का रहने वाला यह समाजसेवी युवक 28 वर्षीय दिनेश सिंह अन्ना हजारे का घोर समर्थक है. पुलिस युवक के रिश्तेदारों, दोस्तों की तलाश कर रही है. घटना की जानकारी मिलते ही आनन फानन में मध्य जिला पुलिस ने अस्पताल के बाहर पहरा बिठा दिया है.
यह घटना मंगलवार को अपराह्न सवा चार बजे दरियागंज थाना क्षेत्र में राजघाट रेडलाइट के पास हुई. अन्ना समर्थक दिनेश सिंह महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट की ओर जा रहा था. उसने 'मैं अन्ना हूं" लिखी गांधी टोपी पहन रखी थी. उसके हाथ में लाठी भी थी.
दिनेश सिंह ने रेडलाइट से राजघाट की ओर मुड़ते ही अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया और आग लगा ली. मौके पर मौजूद राहगीरों ने दिनेश को बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुका था. घटनास्थल से कुछ दूरी पर मौजूद पीसीआरकर्मी झुलसे हुए युवक को उपचार के लिए लोकनायक अस्पताल ले गए. उसे बर्न विभाग में भर्ती रखा गया है.
घटना की जानकारी अन्ना के अन्य समर्थकों तक नहीं फैले, इस वजह से लोकनायक अस्पताल के चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है. मौके पर मौजूद राहगीरों ने बताया कि युवक जोर-जोर से वंदे मातरम, अन्ना तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं तथा भारत माता की जय आदि नारे लगा रहा था. पुलिस ने बताया कि झुलसे हुए युवक के पास से मिली डायरी के आधार पर पता चला है कि यह युवक पटना जिले के दुल्हन बाजार थानान्र्तगत सैर्फुदीनपुर गांव का रहने वाला है, हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह युवक दिल्ली कब आया था.
पुलिस डायरी में मिले एक टेलीफोन नंबर के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है. उधर दुल्हन बाजार थाने के एसएचओ ने यहां फोन पर बताया कि दिनेश सिंह के पिता का नाम बिंदा सिंह यादव है. दिनेश सिंह प्रापर्टी डीलर का काम करता था. वर्ष "96 में उसकी शादी हुई थी. उसके पांच बच्चे हैं. वह एक हफ्ता पहले पटना जाने के लिए कह कर घर से निकला था.