प्रधानमंत्री आवास पर सर्वदलीय बैठक ख़त्म, गतिरोध बरकरार
एन सी आर, ताजा खबरें, देश-विदेश, राजनीति 6:34 am
इस बैठक से काफी उम्मीदें थीं लेकिन ऐसा कुछ दिख नहीं रहा. ख़बरों के मुताबिक सरकारी लोकपाल बिल को संसद की स्थायी समिति से वापस लेने के मुद्दे पर गतिरोध जारी रहा और कोई ठोस फैसला नहीं हो सका.
बैठक के ठीक बाद राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री नारायणसामी ने एक अहम जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जनलोकपाल बिल को संसद की स्थायी समिति में भेज दिया गया है.
बैठक की शुरूआत में ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "हम सब मज़बूत लोकपाल के पक्ष में हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से जो स्थितियां पैदा हुई है उससे संसदीय लोकतंत्र पर भी सवाल खड़े हुए हैं. इस पर भी सोचना होगा."
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अन्ना के स्वास्थ्य पर चिंतित हैं. मनमोहन सिंह ने वहां मौजूद हर राजनीतिक दलों के नेताओं को वह चिट्ठी भी दिखाई जो उन्होंने मंगलवार को अन्ना हजारे को लिखा था.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि अगर हर राजनीतिक दल पत्र लिख कर जनलोकपाल का समर्थन करे तो वह इसे मानने को तैयार हैं.
इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि वह लोकपाल के किसी भी ऐसे मसौदे का समर्थन करेंगी जो टीम अन्ना और सरकार के सहयोग से तैयार होगा. शीला दीक्षित इससे पहले अन्ना के तौर तरीकों पर सवालिया निशान लगा चुकी हैं.
प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7 रेस कोर्स रोड पर हुई इस बैठक में सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी, संचार मंत्री कपिल सिब्बल समेत कई अन्य वरिष्ठ मंत्री थे. वहीं भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी, जनता दल युनाईटेड औऱ वामदलों समेत अन्य दलों के प्रतिनिधि भी थे.
अन्ना हजारे के अनशन का बुधवार को नौवां दिन है और उनकी सेहत को लेकर सरकार भी चिंतित है.
सर्वदलीय बैठक का मकसद टीम अन्ना की मांगों पर कोई भी फैसला लेने से पहले राजनीतिक सहमति बनाना था, ताकि आगे संसद के भीतर किसी तरह का गतिरोध न हो.
समझौते का इंतज़ार
अन्ना हजारे के सहयोगियों और यूपीए सरकार के बीच जनलोकपाल विधेयक पर दूसरे दौर की बातचीत में गतिरोध कम हुआ है लेकिन अंतिम समझौते का अभी भी इंतज़ार है.
पहले कहा गया कि केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ अरविंद केजरीवाल और टीम अन्ना के अन्य सहयोगियों की दूसरे दौर की बातचीत में लोकपाल विधेयक का नया मसौदा बनाने पर सहमति बनी है लेकिन बैठक के बाद सलमान खुर्शीद और अरविंद केजरीवाल दोनों ने इसे सिरे से ख़ारिज कर दिया.
सलमान खुर्शीद ने कहा कि बातचीत आगे बढ़ी है और वे टीम अन्ना की माँगों को समझने की कोशिश कर रहे हैं.
मंगलवार को जिन तीन बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई थी उन्हीं मु्द्दों पर बुधवार को भी गतिरोध कायम है. ये हैं हर राज्य में लोकपाल की नियुक्ति, सिटिजन चार्टर और नौकरशाही के निचले स्तर को लोकपाल के दायरे में लाना.