एजबेस्टन टेस्ट: भारत 224 रन पर ही ढेर, इंग्लैंड बिना किसी नुकसान के 84 रन

एजबेस्टन। शीर्ष पायदान और टेस्ट सीरीज बचाने में जुटी टीम इंडिया का तीसरे टेस्ट मैच का पहला दिन अच्छा साबित नहीं हुआ।



हालांकि कप्तान महेंद्र सिंह धौनी [77] का फार्म में आना सुखद रहा जिससे भारत 111 रन पर सात विकेट खोने के बाद दो सौ से ज्यादा रन बनाने में सफल रहा। दिन का खेल खत्म होने के समय इंग्लैंड ने बिना किसी नुकसान के 84 रन बना लिए हैं।

तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्राड और टिम ब्रेसनन की कातिलाना गेंदबाजी से भारत 224 रन पर ही ढेर हो गया। भारत की स्थिति और खराब होती अगर धौनी ने 96 गेंद पर 10 चौकों और तीन छक्कों की मदद से खेली गई 77 रन आतिशी पारी से भारत शर्मनाक स्थिति से उबर गया।

इंग्लैंड ने इसके बाद दिन के बाकी बचे 25 ओवर में बिना किसी नुकसान के 84 रन बनाए। कप्तान एंड्रयू स्ट्रास [नाबाद 52] और एलिस्टेयर कुक [नाबाद 27] सीरीज में पहली बार फार्म में दिख रहे हैं जिससे भारतीयों की परेशानी बढ़ गई है। स्ट्रास ने करियर का 25वां और इस साल का पहला पचासा पूरा किया।

जहीर खान की अनुपस्थिति में भारत का कोई भी तेज गेंदबाज इन दोनों पर खास प्रभाव नहीं छोड़ पाया। इंग्लैंड अब भारत से केवल 140 रन पीछे है और उसके सभी 10 विकेट बचे हुए हैं। भारत को नंबर एक रैंकिंग बचाने के लिए इस मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

एजबस्टन की पिच से गेंदबाजों को स्विंग मिल रही थी, लेकिन भारतीयों को इससे कोई फायदा नहीं मिला। ब्राड और ब्रेसनन ने जरूर अपने कप्तान का टास जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने के फैसले को सही साबित किया। इन दोनों ने चार-चार जबकि जेम्स एंडरसन ने दो विकेट लिए।

सीरीज में 0-2 से पीछे चल रहे भारत ने पहले दोनों सत्र में चार-चार विकेट गंवाए। कंधे के आपरेशन से उबरने के बाद वापसी करने वाले वीरेंद्र सहवाग [0], उनके सफल सलामी जोड़ीदार गौतम गंभीर [38], महाशतक का इंतजार कर रहे सचिन तेंदुलकर [1] और अच्छी फार्म में चल रहे राहुल द्रविड़ [22] पहले सत्र में पवेलियन लौटे।

लंच के बाद शार्ट पिच गेंदों के सामने अपनी कमजोरी जाहिर करने वाले सुरेश रैना [4], संकटमोचक लेकिन पुल शाट खेलने में ज्यादा उतावली दिखा रहे वीवीएस लक्ष्मण [30], अभ्यास मैच में अर्धशतक जड़कर उम्मीद जगाने वाले अमित मिश्रा [4] और करियर का सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले प्रवीण कुमार [26] आउट हुए।

धौनी और प्रवीण ने आठवें विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी की। धोनी ने आक्रामक रवैया अपनाया और इस बीच एंडरसन, ब्रेसनन और ब्राड तीनों की गेंद पर छक्के भी जमाए। उन्होंने स्वान की गेंद पर कवर में चौका जड़कर सीरीज का अपना पहला और अपने टेस्ट करियर का 22वां अर्धशतक पूरा किया।

धौनी तीसरे सत्र के शुरू में तेजी से रन बनाने के प्रयास में पवेलियन लौटे, जिसके बाद भारतीय पारी सिमटने में देर नहीं लगी।

भारत को उम्मीद थी कि सहवाग के आने से टीम को अच्छी शुरुआत मिलेगी लेकिन वह पहली गेंद पर ही पवेलियन लौट गए। ब्राड की आफ स्टंप से बाहर की तरफ तेजी से निकलती शार्ट पिच गेंद को विकेटकीपर मैट प्रायर ने डाइव लगाकर कैच किया।

अंपायर ने इंग्लैंड की अपील ठुकरा दी लेकिन डीआरएस से साफ हो गया कि गेंद प्रायर के दस्तानों में पहुंचने से पहले सहवाग के दस्तानों को चूमकर गई थी। द्रविड़ और गंभीर ने सहजता से पारी आगे बढ़ाई लेकिन पहले बदलाव के रूप में आए ब्रेसनन ने इन दोनों की साझेदारी 51 रन तक ही चलने दी।

ब्रेसनन की तेजी से स्विंग लेती गेंद गंभीर के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटों में समा गई। गंभीर ने अपनी पारी में 64 गेंद खेली और पांच चौके लगाए। तेंदुलकर के आते ही स्ट्रास ने एंडरसन को गेंद सौंप दी जिन्होंने इस बल्लेबाज को टेस्ट मैचों में छह बार आउट किया है।

एंडरसन ने फिर से तेंदुलकर का 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक का इंतजार बढ़ा दिया।

Posted by राजबीर सिंह at 11:42 pm.
 

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