मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद होने की सम्भावना

ऑस्ट्रेलिया में पाये गए सूक्ष्म जीवाश्मों से इस बात को बल मिला है कि मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद है.

ऑस्ट्रेलिया में पाये गए इन जीवाश्मों से यह बात सामने आयी है कि 3.4 अरब वर्ष पहले पृथ्वी पर ऐसे बैक्टीरिया पाये जाते थे जिसमें ऑक्सीजन नहीं था और इससे इस आशा को बल मिला है कि मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद है.

वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि प्राचीन तलछटी चट्टानों में स्थित सूक्ष्म कीटाणुओं के जीवाश्मों से इस बात की पुष्टि हुई है कि वे अभी तक पाये गए सबसे पुराने जीवाश्म हैं. इसे लेकर लगभग एक दशक तक बहस होती रही.

जीवाश्म के नमूने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पिलबारा क्षेत्र स्थित स्ट्रेली पूल से पाये गए. यहां सूक्ष्म कीटाणु मरने के बाद स्फटिक कणों के बीच सुरक्षित हो गए थे. वर्ष 2002 में इसी क्षेत्र में मात्र 35 किलोमीटर दूर कार्य करने वाले वैज्ञानिकों की एक अन्य दल ने बैक्टीरिया जीवाश्म पाये थे. लेकिन इस दावे को कुछ वैज्ञानिकों ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि ये बैक्टीरिया के जीवाश्म नहीं बल्कि पत्थरों के खनिजीकरण का नतीजा है.

अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि ये बैक्टीरिया जीवित रहने के लिए गंधक यौगिकों पर निर्भर रहते थे.

Posted by राजबीर सिंह at 8:56 pm.
 

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