चीन ने भारतीय सीमा पर परमाणु क्षमता से लैस मिसाइलें तैनात की
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पीएलए ने पहले भारतीय सीमा पर तरल ईंधन वाली सीएसएस-2 आईआरबीएम मिसाइलें तैनात की थीं.
लेकिन अब ठोस ईंधन वाली सीएसएस-5 एमआरबीएम मिसाइलें तैनात की गई हैं.
अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने चीन की सैन्य क्षमता पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यह दावा किया है.
पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि ये विकास कार्य पश्चिमी चीन में आर्थिक विकास के मकसद से किए गए हैं, लेकिन इससे पीएलए के रक्षा अभियानों में मदद मिलगी.
पेंटागन ने कहा कि चीन के पाकिस्तान से नजदीकी सैन्य रिश्ते और हिंद महासागर, मध्य एशिया एवं अफ्रीका में बीजिंग के बढ़ते दखल को लेकर भारत की चिंता बनी हुई है.
पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान पारंपरिक हथियारों को लेकर चीन का प्रमुख ग्राहक बना हुआ है.
चीन की ओर से पाकिस्तान को जेएफ-17 विमान, हेलीकॉप्प्टर, टैंक, के-8 ट्रेनर्स, एफ-7 लड़ाकू विमान, वायु से वायु मार करने वाले मिसाइलें, पोत भेदी मिसाइलें और तकनीक मुहैया कराई हैं.
भारत-चीन रिश्ते पर पेंटागन ने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी संवाद बढ़ा है, लेकिन सीमा पर तनाव में कमी नहीं आई है.
उसने कहा कि चीन ने 2010 में व्यापार और उच्च स्तरीय बातचीत के जरिए भारत के साथ रिश्ते मजबूत बनाए हैं, इसके बावजूद सीमा पर तनाव दोनों के रिश्ते को प्रभावित कर रही है.
दोनों देशों के बीच 2010 में द्विपक्षीय व्यापार 60 अरब डालर हो गया है.
अमेरिकी रक्षा विभाग का मानना है कि चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने पिछले साल अपनी नई दिल्ली यात्रा के दौरान मतभेदों को कुछ हद तक दूर करने का प्रयास किया था, लेकिन गंभीर बातों पर गौर नहीं किया.
पेंटागन ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते में बड़ी गलतफहमियों से द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव बरकरार है.