आर्थिक सुधार कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना होगी पहली प्राथमिकता : प्रधानमंत्री
ताजा खबरें, व्यापार 9:14 pm
योजना आयोग की पूर्ण बैठक के बाद सिंह ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि हम ऐसा माहौल तैयार करेंगे जिसमें सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर राष्ट्रहित में व्यापक एजेंडा आगे बढ़ाएंगे. सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये यह हमारी पहली प्राथमिकता होगी.’
दूसरी पीढ़ी के सुधारों को मुश्किल करार देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि इन्हें आगे बढ़ाने के लिये व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय सहमति की जरूरत होगी.
प्रधानमंत्री ने कहा, 'कई मामलों में कानून बनाने की जरूरत है और इसके लिये जिस तरह का बहुमत चाहिए, वह हमारे पास नहीं है. वस्तु एवं सेवाकर इसका एक उदाहरण है. हम बीमा जैसे वित्तीय क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाना चाहते हैं.’
सिंह ने कहा कि कुछ मुद्दों पर प्रभावी राष्ट्रीय आम सहमति का अभाव एक समस्या है और इसीलिए ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है जहां सभी राजनीतिक दल राष्ट्रहित में सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिये एकजुट हों.वर्ष 1991 में शुरू किये गये आर्थिक सुधारों के समय पुरजोर विरोध को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, 'केंद्र में बारी-बारी से दक्षिणपंथी एवं वामपंथी समेत विभिन्न सरकारें रह चुकी है. पिछले 20 साल में मौटे तौर पर उन्होंने वही रास्ता अपनाया जिस पर हमने 1991-95 में चलना शुरू किया था.’
योजना आयोग ने 12वीं योजना के दृष्टिपत्र में 9.0 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर रहने का अनुमान जताया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संभव है कि वैश्विक परिस्थितियों में सुधार आने पर योजना आयोग इसे बढ़ाकर 9.2 प्रतिशत करे.
सिंह ने कहा, 'हम सालाना 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर के लिये काम करेंगे लेकिन हमने वृद्धि दर के लक्ष्य को बढ़ाकर 9.2 प्रतिशत करने की संभावना खुली रखी है.’ उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता तथा मुद्रास्फीति दबाव को देखते हुए आर्थिक वृद्धि का ऐसा लक्ष्य रखना बुद्धिमतापूर्ण होगा जिससे सतत समावेशी वृद्धि का मकसद सुनिश्चित हो सके.
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद की 9 प्रतिशत वृद्धि दर तभी व्यावहारिक होगी जब कुछ कठिन निर्णय लिये जा सकेंगे.