राहुल द्रविड़ को संन्यास नहीं लेने की सलाह दी थी : रिकी पोंटिंग

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा कि उन्होंने राहुल द्रविड़ के बुरे दौर के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने के लिये प्रेरित किया था.

पोंटिंग ने दावा किया है कि पिछले साल जब द्रविड़ लगातार खराब फार्म में चल रहे थे तब उन्होंने इस भारतीय बल्लेबाज को संन्यास नहीं लेने की सलाह दी थी.

इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में द्रविड़ तीन शतक सहित 461 रन बनाये और वह अकेले भारतीय बल्लेबाज रहे जिन्होंने इस श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन पिछले साल वह लगातार रन बनाने के जूझते रहे.

पोंटिंग ने कहा कि उन्होंने दायें हाथ के इस बल्लेबाज को आलोचनाओं के बावजूद क्रिकेट खेलते रहने के लिये उत्साहित किया था.

पोंटिंग ने कहा, ‘‘मुझे भारत के खिलाफ पिछली श्रृंखला की याद है जब द्रविड़ के बारे में कहा जा रहा था कि वह अब चुक गया है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे असल में श्रृंखला में आखिर में उससे बात करने का मौका मिला और मैंने उससे कहा कि वह संन्यास के बारे में सोचे भी नहीं क्योंकि मैंने उसकी कुछ पारियों में उसका वही पुराना कौशल देखा था जिससे पता चलता था कि वह अब भी बेहद अच्छा खिलाड़ी है.’’

पोंटिंग ने कहा, ‘‘मैंने उससे कहा कि वह खुद को कमजोर नहीं समझे. एशेज श्रृंखला से पहले और बाद में मुझे उसकी तरफ से इसी तरह के संदेश मिले थे.’’

पोंटिंग पिछले साल जनवरी से कोई टेस्ट शतक नहीं जड़ा है लेकिन उन्हें अच्छी वापसी की उम्मीद है और वह द्रविड़ को प्रेरणा के तौर पर देख रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बढ़ती उम्र के बल्लेबाजों के लिये प्रेरणा का काम कर रहे हैं. सचिन तेंदुलकर और जाक कैलिस दोनों ने पिछले साल बेहतरीन प्रदर्शन किया और द्रविड़ अब अच्छा खेल रहे हैं.’’

भारत के आईसीसी रैंकिंग में नीचे खिसकने के बारे में पोंटिंग ने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि जब सीनियर खिलाड़ी संन्यास ले लेंगे तब महेंद्र सिंह धोनी की टीम कैसा प्रदर्शन करती है. उन्होंने इसके साथ ही कहा कि आईपीएल भारतीय क्रिकेट को प्रभावित कर रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘भारत अभी उस मुकाम पर नहीं पहुंचा है जहां मुझे लगता है कि उसे पहुंचना है. उसके पास अब भी अच्छे बल्लेबाज हैं. वे (तेंदुलकर, द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण) लगभग एक ही उम्र के हैं और वे हमेशा नहीं खेल सकते. बाकी की तुलना में इनकी भी अपने गेंदबाजों के साथ कड़ी परीक्षा होगी.’’

पोंटिंग ने कहा, ‘‘मैंने पिछले कुछ वर्षों में देखा कि उनके कई स्पिन गेंदबाज उतने दमदार नहीं हैं जैसे हुआ करते थे और अगर आप जहीर खान को उनके तेज गेंदबाजों से अलग कर दो तो फिर उनके पास खास तेज गेंदबाज नहीं बचेंगे. इसलिए उनके लिये आगामी दो साल काफी दिलचस्प होंगे.’’

इस 36 वर्षीय बल्लेबाज से जब पूछा गया कि क्या भारत टेस्ट को नजरअंदाज करके ट्वेंटी-20 पर अधिक ध्यान दे रहा है, उन्होंने कहा, ‘‘वे संभवत: अन्य की तुलना में ट्वेंटी-20 को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं. वहां आईपीएल होता है और खिलाड़ियों की फ्रेंचाइजी टीमों के प्रति प्रतिबद्धता है.’’

पोंटिंग ने कहा, ‘‘मैं उनके क्रिकेट का अच्छा उदाहरण देता हूं कि उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच में आरपी सिंह को खिलाया जबकि उसने जनवरी से प्रथम श्रेणी मैच ही नहीं खेला था.’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब तक भारत के पास दिग्गज खिलाड़ी रहेंगे तब तक वह प्रतिस्पर्धी रहेगा लेकिन जब वे संन्यास ले लेंगे तब वास्तव में उनके लिये दिलचस्प स्थिति होगी. यही स्थिति दक्षिण अफ्रीका की भी है. जब ग्रीम स्मिथ, कैलिस, डेल स्टेन संन्यास ले लेंगे तो यह देखना दिलचस्प होगा कि वह टीम को कैसे पुनर्गठित करते हैं.’’

पोंटिंग ने कहा कि ट्वेंटी-20 का युवाओं पर पड़ रहे प्रभाव से वह चिंतित हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिये सबसे बड़ी चिंता बच्चों को उनके कैरियर के शुरू में ही ट्वेंटी-20 क्रिकेट और इस तरह के खेल के छोटे प्रारूपों में खिलाना है. इनसे वे एकाग्रता की कला नहीं सीख सकते हैं.’’

Posted by राजबीर सिंह at 5:26 am.
 

dailyvid

FLICKR PHOTO STREAM

2010-2011 आवाज़ इंडिया मीडिया प्रॉडक्शन. All Rights Reserved. - Designed by Gajender Singh