पुलिस कार्रवाई पर लालकृष्ण आडवाणी ने नाराज़गी ज़ाहिर की है
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पुलिस कार्रवाई को लेकर आडवाणी ने बुधवार को वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से शिकायत की कि ऐसा प्रतीत होता है कि कार्रवाई के आदेश सीधे गृह मंत्री पी चिदंबरम की ओर से आये थे.
संसद में मुखर्जी से मुलाकात कर वरिष्ठ भाजपा नेता आडवाणी ने उन्हें भाजयुमो कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित ज्यादतियों के बारे में बताया.
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सूत्रों ने कहा कि आडवाणी ने चिदंबरम का नाम लिये बिना मुखर्जी को बताया कि इस तरह की कार्रवाई गृह मंत्रालय के उच्च पदों से मिले आदेशों के बिना नहीं हो सकती थी. दिल्ली पुलिस सीधे चिदंबरम के मंत्रालय के अधीन आती है.
आडवाणी ने मंगलवार को अस्पताल में घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की थी और फिर इस मामले में जांच कराये जाने की मांग की थी. हालांकि अब पार्टी ने अपनी मांग तेज़ कर दी है और वह चिदंबरम का इस्तीफा चाहती है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने मुखर्जी से यह भी कहा कि इस तरह की खबरें हैं कि चिदंबरम ने मीडिया के एक वर्ग को बताया कि वह ‘अयोध्या जैसी’ स्थिति नहीं चाहते थे और यही कारण था कि उन्होंने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के आदेश दिये.
आडवाणी ने मुखर्जी को बताया कि पुलिस ने लाठीचार्ज के दौरान विकलांग कार्यकर्ताओं को भी नहीं बख्शा.
युवा कार्यकर्ता पुलिस को आश्चर्य में डालते हुए मेट्रो ट्रेन में आये थे और फिर छोटे समूहों में विजय चौक की ओर रवाना हुए.
चिदंबरम के इस्तीफे की मांग
भाजपा के वरिष्ठ नेता एम वेंकैया नायडू ने भाजयुमो कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर चिदंबरम के इस्तीफे की मांग की.
नायडू ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि गृह मंत्री कल युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो प्रधानमंत्री को उन्हें पद से हटा देना चाहिये.’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह पहला मौका नहीं है. उन्होंने बाबा रामदेव और उनके समर्थकों के साथ भी ऐसा ही किया था. पुलिस का बर्ताव ज्यादती वाला और निंदनीय है. हम संसद में विरोध जारी रखेंगे.’’
इस मांग को बेतुका बताते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा, ‘‘वे हर दिन किसी न किसी मंत्री का इस्तीफा मांगते हैं.’’