महाराष्ट्र और तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल एलेक्जेंडर का निधन
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वह 90 वर्ष के थे.
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र और तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल एलेक्जेंडर का पिछले कुछ सप्ताह से मद्रास मेडिकल मिशन अस्पताल इलाज चल रहा था.
उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं.
दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी सहयोगी रहे एलेक्जेंडर वर्ष 2002 से 08 तक राज्यसभा के सदस्य रहे हैं. बतौर नौकरशाह अपने पांच दशक के करियर में वह कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं.
वर्ष 2002 में राजग सरकार के दौरान एलेक्जेंडर का नाम राष्ट्रपति पद के लिए विचारार्थ सामने आया था. मगर उस समय कुछ राजनीतिक परिस्थितियों के कारण वह चुनाव मैदान से बाहर हो गए और एपीजे अब्दुल कलाम देश के राष्ट्रपति बने. इससे नाराज होकर एलेक्जेंडर ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था.
वह 11 वर्ष से अधिक समय तक तमिलनाडु और महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे.
कार्यकुशल थे
एलेक्जेंडर 1948 बैच के आईएएस अधिकारी थे. बतौर नौकरशाह अपने करियर में वह दक्षता, निष्पक्षता और अखंडता के लिए जाने जाते हैं.
उसकी इन्ही खासियतों की वजह से वह वर्ष 1981 से 85 तक पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरागांधी और राजीव गांधी के मुख्य सविच रहे.
एलेक्जेंडर लंदन में भारतीय उच्चयुक्त के पद सहित 10 साल तक विभिन्न उच्च प्रशासनिक पदों पर रहे हैं.
कई किताबें लिखीं
एलेक्जेंडर ने कई किताबें, लेख और शोधपत्र भी लिखे हैं. उनकी कुछ मशहूर किताबें हैं ‘माई इयर्स विथ इंदिरागांधी’, ‘द पेरिल्स ऑफ डेमोक्रेसी’ और ‘इंडिया इन द न्यू मिलेनियम’.