95 वर्षों के बाद अमरीका की साख़ पर बट्टा

लगभग 95 वर्षों के बाद अमरीका की साख़ पर बट्टा लगा है. ओबामा के लिए यह झटका भारी पड़ सकता है.

अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने अमरीका की क्रेडिट रेटिंग ए-ए-ए (AAA) से घटा कर AA+ कर दी है.

अमरीका के पिछले 95 वर्षों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने उसकी साख़ पर सवाल उठाए हों और उसकी रेटिंग घटा दी हो.

दरअसल ऐसा पिछले एक पखवाड़े के दौरान पैदा हुई स्थिति के कारण हुआ है. पहले तो भयानक कर्ज़ में डूबे ओबामा प्रशासन को सरकारी खर्चे चलाने के लिए कर्ज़ की सीमा बढ़ानी पड़ी और इसको लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रैटिक पार्टी में मतभेद पैदा हूए.

इसके बाद जब कर्ज़ सीमा बढ़ा दी गई तब शेयर बाज़ार में निवेशकों का विश्वास घटा और अचानक दो दिनों में निवेशकों के लगभग 2 खरब डॉलर स्वाहा हो गए.

दरअसल क्रेडिट रेटिंग घटाने का मतलब है अमरीका ने जो कर्ज़ लिया है उसे लौटाने की उसकी क्षमता का आकलन. इस हिसाब से AA+ भी उच्च मानक वाली रेटिंग है पर AAA सर्वोच्च रेटिंग समझी जाती है.

सर्वोच्च रेटिंग का मतलब है दुनिया भर के निवेशक या देश अमरीकी संस्थाओं या सरकार को बेझिझक लोन दे सकते हैं क्योंकि इस लोन को लौटाने में कोई परेशानी नहीं आएगी.

अब रेटिंग घटने का मतलब है अमरीका के कर्ज़दारों से लिए पैसे लौटाने की क्षमता को कमतर आंकना जो राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए भारी मुसीबतें पैदा कर सकता है.

Posted by राजबीर सिंह at 8:24 pm.
 

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