राज्यसभा में सिक्का निर्माण विधेयक 2011 को मंजूरी
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लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है. सिक्कों को गलाने या नष्ट करने पर सजा पांच साल से बढ़ाकर सात साल करने का प्रावधान है.
मुखर्जी ने इससे पूर्व विधेयक पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि इसमें सिक्कों, सिक्कों के निर्माण, सिक्कों की हिफाजत तथा सिक्कों को गलाने या उसके दुरूपयोग रोकने संबंधी विभिन्न कानूनों का एकीकरण किया गया है. उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से सिक्कों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी.
संस्कृति एवं सभ्यता के लिहाज से सिक्कों को महत्वपूर्ण संकेतक बताते हुए मुखर्जी ने कहा कि उनका आर्थिक विकास प्रणाली के साथ गहरा संबंध रहा है. उन्होंने इस विधेयक और भारतीय दंड संहिता में एक ही मामले के लिए अलग-अलग सजा के प्रावधान पर विभिन्न सदस्यों द्वारा जतायी गयी चिंता को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि ऐसा सोच समझ किया गया है और इस संबंध में जरूरी सहमति ली गयी है.
मुखर्जी ने 25 पैसे के सिक्कों का चलन समाप्त करने के फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था के प्रसार के साथ ही कम मूल्य के सिक्कों की प्रासंगिकता कम हो जाती है. उन्होंने कहा कि सिक्के तैयार करने में हम अपनी संस्कृति को भी ध्यान में रखते हैं और हमारे अधिकतर सिक्कों पर कमल का फूल होता है जो राष्ट्रीय पुष्प है.
देश में सिक्कों की कमी के मुद्दे पर वित्त मंत्री ने कहा कि कभी कभी ऐसी समस्या पैदा हो जाती है और हम उसे देखते हुए उत्पादन बढ़ा देते हैं. नकली नोटों की समस्या का जिक्र करते हुए मुखर्जी ने कहा कि सरकार का पूरा प्रयास नोटों की छपाई में इस्तेमाल होने वाले कागज और स्याही के मामले में आत्मनिर्भर होने की है और इस दिशा में विभिन्न कदम उठाए गए हैं. उन्होंने उम्मीद जतायी कि अगले कुछ साल में हम मांग के अनुसार उत्पादन करने लगेंगे.
जाली नोटों की समस्या को काफी खतरनाक बताते हुए मुखर्जी ने किसी देश का नाम लिए बगैर कहा कि इसका इस्तेमाल देश को अस्थिर करने और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के हथियार के तौर पर किया जाता है. उन्होंने कहा कि 2008 में 25.89 करोड़ मूल्य के नकली नोट पकड़े गए जबकि 2009 में 23.01 करोड़ और 2010 में 26.95 करोड़ रुपए मूल्य के ऐसी नोट बरामद किए गए.2011 में जून के अंत तक 10.62 करोड़ रुपए मूल्य के नकली नोट बरामद किए गए हैं.
मुखर्जी ने कहा कि ऐसे नोटों का परिचालन प्रतिशत के हिसाब से 0.001 प्रतिशत है और दस लाख नोटों में आठ नोट नकली हैं. उन्होंने कहा कि वित्तीय कानूनों की समीक्षा आदि के लिए न्यायमूर्ति कृष्ण अय्यर की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया गया है जिसके डेढ़ दो साल में रिपोर्ट देने की संभावना है.
इसके पहले चर्चा में विभिन्न सदस्यों ने इतिहास एवं सभ्यता में सिक्कों के महत्व की चर्चा की. विभिन्न सदस्यों ने सिक्कों के दुरूपयोग एवं देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी कमी तथा नकली नोटों की समस्याओं का उल्लेख किया. सदस्यों ने सिक्कों के दुरूपयोग पर सजा में वृद्धि किए जाने की भी जरूरत जतायी.
विधेयक पर चर्चा की शुरूआत करते हुए भाजपा के एस एस अहलूवालिया ने भारतीय सिक्कों की तस्करी और पड़ोसी देश बांग्लादेश में इसके दुरूपयोग किए जाने का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस विधेयक में सिक्कों के दुरूपयोग पर सात साल की सजा का प्रावधान किया गया है जबकि भारतीय दंड संहिता में कुछ और प्रावधान है. उन्होंने कहा कि विधेयक में कई प्रावधान विरोधाभासी हैं.
अहलूवालिया ने इसे कमजोर कानून बताते हुए कहा कि हमें अपने कानून बनाते समय भारतीय सभ्यता और संस्कृति को ध्यान में रखना चाहित तथा ब्रिाटिश मॉडल को ध्यान में रखकर कानून बनाने से बचना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में कौटिल्य की प्रसिद्ध कृति 'अर्थशास्त्र' का भी हवाला दिया.
कांग्रेस के प्रवीण राष्ट्रपाल ने सरकार को विदेशों से नोट एवं सिक्के आयात करने के प्रति आगाह करते हुए कहा कि सरकार को प्लास्टिक नोटों के चलन पर जोर देना चाहिए. बसपा के नरेंद्र कुमार कश्यप ने देश में सिक्कों की कमी होने का जिक्र किया वहीं माकपा के तारिणीकांत राय ने सिक्कों के दुरूपयोग पर दंड में वृद्धि किए जाने की वकालत की.
जदयू के एन के सिंह ने भी दुरूपयोग की स्थिति में सजा में वृद्धि किए जाने की मांग की तथा देश को सिक्कों का हब बनाए जाने पर जोर दिया.
राकांपा के वाई पी त्रिवेदी ने एक करेंसी कानून बनाए जाने पर जोर दिया जिसमें एक अध्याय सिक्कों से संबंधित भी हो. सपा के मोहन सिंह ने फर्जी नोट की समस्या पर काबू पाने की जरूरत पर बल दिया वहीं भाकपा के आर सी सिंह ने विधेयक के विभिन्न प्रावधानों को विरोधाभासी बताया.