स्टेट बैंक राइट इश्यू के जरिये 20,000 करोड़ जुटाएगा
ताजा खबरें, व्यापार 8:50 pm
भारतीय स्टेट बैंक द्वारा राइट इश्यू के जरिये मार्च, 2012 तक 20,000 करोड़ रुपये की राशि जुटाए जाने की उम्मीद है. बैंक इस राशि का इस्तेमाल अपने कारोबार के विस्तार पर करेगा.
एसबीआई के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने बैंक के बोर्ड की बैठक के मौके पर कहा, 'हमें इसके इसी वित्त वर्ष में आने की उम्मीद है. निश्चित रूप से तीसरी या चौथी तिमाही तक.’
बैंक की बोर्ड बैठक को वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संबोधित किया.
चौधरी ने कहा, 'हमारी सरकार से पहले से बातचीत चल रही है. हमने कई तरह की स्थितियां बताई हैं. यदि सरकार 59 प्रतिशत हिस्सेदारी पर नियंत्रण रखना चाहती है, तो कुछ पूंजी की जरूरत होगी. 55 प्रतिशत पूंजी के लिए जरूरत दूसरी तरह की होगी.’
फिलहाल सरकार की बैंक में 59.4 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. यदि सरकार इस हिस्सेदारी को कायम रखना है, तो उसे राइट इश्यू का 59.4 प्रतिशत लेना होगा.
चौधरी ने कहा कि बैंक को अगले तीन साल में कारोबार विस्तार के लिए 9 प्रतिशत के पूंजी पर्याप्तता अनुपात के साथ 30,000 करोड़ रुपये की दरकार है.
उन्होंने कहा कि सरकार इस बैंक का सार्वजनिक क्षेत्र का चरित्र बनाए रखना चाहती है.
भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम के अनुसार सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से नीचे नहीं जा सकती. उन्होंने कहा कि इस हिसाब से राइट इश्यू में सरकार की ओर से योगदान 9,000 से 14,000 करोड़ रुपये के बीच कहीं भी हो सकता है. 'यदि 59 प्रतिशत हिस्सेदारी रखनी है, तो यह 14,000 करोड़ रुपये होगा, 55 प्रतिशत के लिए 11,000 करोड़ रुपये और 51 फीसद के लिए 9,000 करोड़ रुपये होगा.’
इसके लिए मंजूरी कब तक मिल सकती है इस बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि अभी इस पर कुछ नहीं बताया जा सकता.'सरकार के साथ काफी बातचीत होनी है. लेकिन यह पटरी पर है.’
उल्लेखनीय है कि देश के सबसे बड़े बैंक ने 2008 में राइट इश्यू से 16,000 करोड़ रुपये की राशि जुटाई थी. पिछले राइट इश्यू में सरकार का योगदान नकद के बजाय बांडों के रूप में था.
चौधरी ने बताया कि बैंक अपनी गैर निष्पादित आस्तियों को नीचे लाने के लिए प्रयास कर रहा है. मार्च, 2011 के अंत तक बैंक का एनपीए 1.63 प्रतिशत था.