बादशाहत बचाए रखने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया
क्रिकेट, खेल, ताजा खबरें, ETOI 9:21 pm
लॉर्ड्स पर शर्मनाक हार से स्तब्ध भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे क्रिकेट में अपनी गलतियों से सबक लेते हुए टेस्ट क्रिकेट में नंबर वन की रैंकिंग महफूज रखने के इरादे से उतरेगी. पहला टेस्ट 196 रन से हारने के बाद भारत का मनोबल गिरा हुआ है. उसे अब मेजबान को शीर्ष रैंकिंग पर काबिज होने से रोकने के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा.
तेज गेंदबाज जहीर खान की चोट और हरभजन सिंह की खराब फॉर्म ने हालांकि भारत की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इसके अलावा भारत के शीर्षक्रम के कुछ बल्लेबाज भी फॉर्म में नहीं दिखे. जहीर के बाहर हो जाने पर पर एस श्रीसंत या मुनाफ पटेल में से एक खेलेगा. भारतीय टीम तीन तेज गेंदबाजों और एक स्पिनर के साथ उतरना चाहेगी क्योंकि ट्रेंट ब्रिज की पिच तेज गेंदबाजों की मददगार है.
भारत टेस्ट क्रिकेट की बादशाहत बचाने की हरसंभव कोशिश करेगा. दो मैचों के अंतर से सीरीज जीतने पर इंग्लैंड की टीम महेंद्र सिंह धोनी एंड कंपनी को नंबर वन के सिंहासन से हटा देगी. भारतीय टीम के लिए सुकून की बात यह हो सकती है कि पिछले चार साल में सात दौरों में से पांच में (बांग्लादेश को छोड़कर) उसने पहला टेस्ट गंवाया है लेकिन 2008 में श्रीलंका दौरे को छोड़कर कहीं भी सीरीज नहीं गंवाई है. पिछले साल श्रीलंका में भी पिछड़ने के बाद भारत ने वापसी की.
आस्ट्रेलिया के खिलाफ भी ऐसा ही हुआ और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी मेजबानी में और वहां खेली गई सीरीजों में भी ऐसा देखने को मिला. इसके बावजूद इस तथ्य की अनदेखी नहीं की जा सकती कि इंग्लैंड ने पिछले 17 में से 12 टेस्ट जीते हैं और सिर्फ दो गंवाए हैं.
लॉर्डस टेस्ट की पहली पारी में राहुल द्रविड़ (नाबाद 103) के शतक और दूसरी पारी में वीवीएस लक्ष्मण (56) तथा सुरेश रैना (78) की पारियों को छोड़कर भारतीय बल्लेबाजों ने बिलकुल भी प्रभावित नहीं किया. अपने सौवें अंतरराष्ट्रीय शतक से एक शतक की दूरी पर खड़े सचिन तेंदुलकर भी कोई योगदान नहीं दे सके. लॉर्डस टेस्ट में मांसपेशी में खिंचाव के शिकार जहीर पहले दिन के बाद गेंदबाजी नहीं कर सके जिससे ईशांत शर्मा और प्रवीण कुमार पर बोझ बढ़ गया. वहीं इंग्लैंड टीम ने एंड्रयू स्ट्रॉस, एलेस्टेयर कुक और इयोन मोर्गन के योगदान के बिना भारतीय गेंदबाजों को बौना साबित कर दिया.
दूसरी ओर इंग्लैंड की इस टीम में कोई पुछल्ला बल्लेबाज नहीं है लिहाजा ईशांत और प्रवीण के लिए चुनौती बहुत मुश्किल थी. इस बीच हरभजन का फॉर्म भी चिंता का सबब है. लॉर्डस पर उन्होंने 218 रन देकर सिर्फ एक विकेट लिया. कल के मैच में अमित मिश्रा को मौका देने से पहले टीम प्रबंधन को काफी माथापच्ची करनी होगी क्योंकि इस लेग स्पिनर ने अभ्यास मैच नहीं खेला है. दूसरी ओर इंग्लैंड को आत्ममुग्धता से बचना होगा. लॉर्डस पर उसके सभी खिलाड़ी फॉर्म में दिखे. केविन पीटरसन ने दोहरा शतक जमाया. मैट प्रॉयर ने दूसरी पारी में शतक जमाया और स्टुअर्ट ब्रॉड भी फॉर्म में लौटे.
भारत को टेस्ट क्रिकेट में नंबर वन की रैंकिंग से हटाने के लिए इंग्लैंड को सीरीज 2-0 या 3-1 से जीतनी होगी. ट्रेंट ब्रिज की पिच तेज गेंदबाजों की मददगार है जिस पर जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड और क्रिस ट्रेमलेट कहर बरपा सकते हैं. तीनों शानदार फॉर्म में चल रहे हैं. एंडरसन ने पिछले साल यहां पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट में 11 विकेट लिए थे. ऐसे में जबकि भारतीय टीम सीरीज में बने रहने के लिए संघर्ष कर रही है, सचिन तेंदुलकर के सौवें अंतरराष्ट्रीय शतक पर से ध्यान हट गया है. ऐसे में वह इसका फायदा उठाकर अपने सौवें शतक और टीम की जीत पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं.