हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह और सरदारा सिंह पर दो साल का प्रतिबंध

हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह और सरदारा सिंह पर अनुशासनहीनता के लिये दो साल का प्रतिबंध लगाया गया.

संदीप और सरदारा ने 'पारिवारिक कारणों’ का हवाला देकर बेंगलूर में संपन्न शिविर 23 अगस्त को छोड़ दिया था.

हॉकी इंडिया की अनुशासन समिति के अध्यक्ष परगट सिंह की अगुवाई में हुई बैठक के बाद हॉकी इंडिया के महासचिव नरिंदर बत्रा ने बताया, 'संदीप सिंह और सरदारा सिंह ने मुख्य कोच माइकल नोब्स को बताये बिना 23 अगस्त को बेंगलूर में चल रहा शिविर छोड़ दिया. दोनों ने तीसरी बार अनुशासन तोड़ा है. इस बार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जरूरी हो गया थ।’

उन्होंने कहा, 'समिति, मुख्य कोच, सहयोगी स्टाफ सभी ने सर्वसम्मति से दोनों पर दो साल का प्रतिबंध लगाये जाने का समर्थन किया है. इस दौरान वे अंतरराष्ट्रीय हॉकी और हॉकी इंडिया के किसी भी टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकेंगे.’

संदीप और सरदारा ने मई में हुए अजलन शाह कप से पहले भी शिविर छोड़कर बेल्जियम लीग में खेलने को तरजीह दी थी. वे उन पांच खिलाड़ियों में से हैं जो बेंगलूर में शिविर छोड़कर मुंबई में आईएचएफ की विश्व हॉकी सीरिज की प्रेस कांफ्रेंस में भाग लेने गए थे.

बत्रा ने हालांकि कहा कि दोनों को प्रतिबंध के खिलाफ 30 दिन के भीतर अपील करने का अधिकार होगा. इसके लिये एक अपीली समिति बनाई जायेगी.

बत्रा ने कहा,'यदि दोनों खिलाड़ी चाहें तो प्रतिबंध के खिलाफ 30 दिन के भीतर अपील कर सकते हैं. इसके लिये एक पांच सदस्यीय समिति बनाई जायेगी जिसमें साइ, आईओए और खिलाड़ियों का एक-एक प्रतिनिधि और हॉकी इंडिया के दो प्रतिनिधि होंगे.’

बैठक में बत्रा के अलावा चयन समिति के सदस्य कर्नल बलबीर सिंह, एबी सुब्बैया, बीपी गोविंदा, खिलाड़ियों के प्रतिनिधि मुकेश कुमार और रजनीश मिश्रा, सरकारी पर्यवेक्षक हरबिंदर सिंह , मुख्य कोच माइकल नोब्स, प्रभारी कोच एस एस ग्रेवाल, सहायक कोच मोहम्मद रियाज, क्लारेंस लोबो, जुगराज सिंह, ट्रेनर डेविड जान और फिजियो श्रीकांत आयंगर मौजूद थे.

दोनों खिलाड़ियों ने भी अपना पक्ष रखा. दोनों ने कहा कि वह तीन सितंबर से हो रही एशियाई चैम्पियंस ट्राफी खेलने के लिये मानसिक रूप से तैयार नहीं है लेकिन अगले शिविर के लिये उपलब्ध रहेंगे.

बत्रा ने कहा,' सभी का पक्ष सुनने के बाद समिति ने यह फैसला लिया है. पूर्व ओलंपियनों का मानना था कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो जूनियर खिलाड़ियों में भी अनुशासनहीनता का चलन पैदा हो जायेगा.’

यह पूछने पर कि क्या सरदारा के शिविर छोड़ने का कारण कप्तान राजपाल सिंह से पटरी नहीं बैठना है, बत्रा ने ना में जवाब दिया.

उन्होंने कहा, 'मैने सरदारा से पूछा कि क्या ऐसी कोई बात है. उसने ना में जवाब दिया. मैदान के बाहर दोनों भले ही बात ना करते हों लेकिन मैदान पर उनके संबंध अच्छे हैं.’

बत्रा ने विश्व हॉकी सीरिज से भी इस फैसले का कोई सरोकार नहीं होने की बात कही. उन्होंने कहा,'यदि ऐसा होता तो हम पांचों खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करते. अर्जुन हलप्पा फिटनेस कारणों से टीम में नहीं है जबकि एड्रियन डिसूजा और प्रभजोत सिंह खराब फार्म के कारण बाहर हैं.’

उन्होंने कहा,' संदीप और सरदारा ने कहा कि उन्होंने कोच से अनुमति ली थी लेकिन कोच ने इससे इनकार किया. कोच का कहना है कि रात में 11 बजे अगर अनुमति मांगने कोई आयेगा तो यह तय है कि उसने पहले ही फैसला कर लिया होगा.’

बत्रा ने कहा कि सरदारा ने बताया कि उसके घर में 25 दिन से समस्या है जबकि संदीप ने पहले कहा कि बच्चा बीमार है और फिर कहा कि पत्नी बीमार है.



उन्होंने कहा, 'अगर सरदारा के घर 25 दिन से समस्या थी तो वह टीम के चयन से पहले बता देता. दोनों ने टीम की रवानगी के पांच दिन पहले ही ऐसा क्या किया.’

Posted by राजबीर सिंह at 9:57 pm.
 

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