प्रशिक्षित कुत्तों की मदद से पता लगाया जा सकता है "कैंसर" का

कुत्तों को इंसान का बेस्ट फ्रेंड कहा जाता है. अब यह दोस्ती और गहरी होने वाली है.

घर की रखवाली हो या अपराधी और बमों का पता लगाना, कुत्ते आपके भरोसेमंद साथी होते हैं. और अब यह दोस्ती इसलिए अधिक गहरी होने वाली है क्योंकि प्रशिक्षित कुत्तों की मदद से आप काफी पहले फेफड़े के कैंसर के बारे में पता लगा लेंगे.

जर्मनी के वैज्ञानिकों ने पाया कि कुत्ते उन गंधों को भी सूंघ सकते हैं जो इंसानी नाक की पकड़ से बाहर होती हैं. अगर उन्हें अच्छी तरह से प्रशिक्षण दिया जाए तो 71 फीसदी रोगियों में वह ट्यूमर का पता लगा सकते हैं.

उनका मानना है कि अभ्यास से कुत्ते कैंसर की पड़ताल करने में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.

यूरोपियन रेस्पिरेटरी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने दो जर्मन शेफर्ड, एक ऑस्ट्रेलियन शेफर्ड और एक लेब्राडोर कुत्ते को प्रशिक्षित किया.

उन्हें रोगियों के सांस में वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया गया जो कैंसर से जुड़ा होता है. कुत्तों ने 100 मामलों में 71 नमूनों में सही पड़ताल की.

Posted by राजबीर सिंह at 8:34 pm.
 

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