अन्ना पक्ष से वार्ता ही एकमात्र उपाय है: मुख्यमंत्री शीला दीक्षित
एन सी आर, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 11:14 am
मंगलवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद शीला ने संसद भवन परिसर के बाहर संवाददाताओं से कहा, 'मैं यही कह सकती हूं कि हमें समाधान खोजना चाहिए.'
यह पूछे जाने पर कि क्या संकट खत्म करने का एकमात्र उपाय बातचीत ही है, शीला ने कहा, 'और क्या, केवल बातचीत....मैं कह रही हूं ...आपसी सम्मान के साथ बातचीत.' स्थिति के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह चिंताजनक है.'
समझा जाता है कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजनीतिक नेताओं के घरों के बाहर हो रहे धरना और विरोध प्रदर्शनों को लेकर चिंता जताई. प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे का हल खोजने की जरूरत पर बल दिया.
शीला ने कल कहा था कि मुद्दे के हल के लिए गंभीर प्रयास जारी हैं. उन्होंने कहा, 'समाधान तलाशने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री पहले ही इस बारे में कह चुके हैं. सरकार इस पर समाधान खोजने के लिए काम कर रही है.'
मुख्यमंत्री से पूछा गया कि क्या वह अपने पुत्र और पूर्वी दिल्ली के सांसद संदीप दीक्षित के विचारों से सहमत हैं कि अन्ना को गिरफ्तार करना दिल्ली पुलिस की भूल थी. इस पर मुख्यमंत्री ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया.
उन्होंने कहा, 'यह चरण गुजर चुका है. अब हमें समस्या का हल खोजना होगा.' पूर्वी दिल्ली के सांसद संदीप दीक्षित ने पिछले सप्ताह कहा था कि पुलिस को अन्ना को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए था.
शीला ने अन्ना पक्ष की इस मांग के संदर्भ में सिंह से मुलाकात की थी कि सरकार लोकपाल के मुद्दे पर बातचीत के लिए आधिकारिक तौर पर किसी को नियुक्त करे. अन्ना पक्ष ने यह भी कहा था कि सरकार या तो आधिकारिक विधेयक को वापस ले ले या फिर उसमें संशोधन कर जन लोकपाल विधेयक के प्रावधान शामिल करे.