क्या अन्ना के मसौदे को संसद में बतौर विधेयक पेश कर पाएंगे वरुण गांधी ?
ताजा खबरें, देश-विदेश 9:23 pm
सिविल सोसायटी की ओर से तैयार जनलोकपाल विधेयक का मसौदा सरकार ने स्वीकार तो नहीं किया लेकिन अन्ना के मौजूदा आंदोलन को देखते हुए इसे प्राइवेट मेंबर बिल के तौर पर संसद में पेश करने की तैयारी हो रही है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पीलीभीत से सांसद वरूण गांधी ने लोकसभा में अन्ना के बिल को पेश करने का ऐलान किया है तो दूसीर ओर राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर ने भी अपनी ओर से प्राइवेट बिल पेश करने की घोषणा की है जिसमें अन्ना के बिल के अहम हिस्से होंगे.
लेकिन इसमें एक पेंच फँस गया है. अन्ना ने सरकार को 30 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है. हालांकि संसद का मौजूदा सत्र आठ सितंबर तक चलेगा पर प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने के लिए एक महीने का नोटिस देना ज़रूरी है.
इस लिहाज़ से वक़्त नहीं बचा है. वरुण गांधी अगर आठ अगस्त तक या उससे पहले नोटिस दे देते तो शायद उनके बिल पर चर्चा हो सकती थी लेकिन अब यह अगले ही सत्र में संभव है.
वैसे भी प्राइवेट मेंबर बिल पर आम तौर पर वोटिंग होती नहीं है. इसे स्थायी समिति के पास भेज दिया जाता है या सरकारी आश्वासन के बाद सदस्य इसे वापस ले लेते हैं.
भारतीय संसदीय इतिहास में सिर्फ एक बार कोई निजी बिल पास हुआ है. संसदीय कार्यवाही संरक्षण विधेयक फिरोज गांधी ने 1956 में पेश किया था जो पारित हो गया.