ज्यादा समय तक अनदेखा नहीं किया जा सकेगा भ्रष्टाचार: संतोष हेगड़े
ताजा खबरें, देश-विदेश 8:41 pm
उन्होंने कहा कि अब 'आम आदमी' की आवाज सुनी जानी चाहिये. सरकार द्वारा मांगे पूरी किये जाने तक अन्ना हजारे और उनकी मुहिम को जनता का समर्थन जारी रहेगा.
जन लोकपाल के लिये अनशन कर रहे गांधीवादी अन्ना हजारे को समर्थन जताने के लिये हेगड़े बेंगलूर से दिल्ली आये और रामलीला मैदान में अन्ना के अनशन स्थल पर पहुंचकर घोषणा की कि जब तक अन्ना जी का अनशन चलेगा, वह उनके साथ हैं.
लोकपाल संयुक्त मसौदा समिति के एक सदस्य हेगड़े ने कहा कि हजारे प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति से उनकी कुर्सी नहीं मांग रहे हैं बल्कि वह केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ और इसके तरीकों से निपटने के लिये एक सशक्त लोकपाल हेतु संघर्ष कर रहे हैं.
हेगड़े ने कहा कि कर्नाटक लोकायुक्त पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वह अब आराम का जीवन बिताना चाह रह थे लेकिन अन्ना के आह्वान और हजारों लोगों के समर्थन को देखकर उनसे रहा नहीं गया और वह दिल्ली आ गये.
उन्होंने कहा, 'हमारे नेता लगातार कहते हैं कि देश की जनता सर्वोच्च है लेकिन वास्तविकता यह है कि जनता की बजाय वह खुद सबसे महत्वपूर्ण बन गये हैं. लोकसेवक सर्वोच्च हो गये हैं. ...वास्तविक लोकतंत्र 'आम आदमी' तक नहीं पहुंच पाया है. उनकी आवाज निश्चित रूप से सुनी जानी चाहिये.'
हेगड़े ने माना कि भ्रष्टाचार सबसे ज्वलंत मुद्दों में शामिल है और कहा, 'अन्ना जी प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति की कुर्सी नहीं मांग रहे हैं. वह केवल भ्रष्टाचार के (खात्मे के) उद्देश्य को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं. क्या कोई देश में यह कह सकता है कि भ्रष्टाचार नहीं है या क्या कोई यह कह सकता है कि इसको (भष्टचार का) अनदेखा किया जा सकता है?'
गौरतलब है कि जन लोकपाल के कुछ मुद्दों पर हेगड़े के अन्ना हजारे पक्ष से कुछ मतभेद सामने आये थे लेकिन दोनों पक्षों ने यह कहकर खारिज कर दिया था कि यह हेगडे का निजी नजरिया है. उन्होंने बताया कि बेंगलूर में भी फ्रीडम पार्क में हजारों लोग अन्ना हजारे का समर्थन कर रहे हैं और 35 लोग अनशन पर बैठे हैं.
न्यायमूर्ति हेगड़े रविवार शाम तक यही रहेंगे और उन्होंने कहा कि जब भी जरूरत पड़ेगी या अन्ना ने आवाज लगाई तो वह फिर दिल्ली आयेंगे. रामलीला मैदान में उपस्थित जन सैलाब को नर्मदा बचाओ आंदोलन की मेधा पाटेकर ने भी संबोधित किया.