गैस वितरण क्षेत्र में उतरेगी तेल उत्खनन कंपनी ऑयल इंडिया
ताजा खबरें, व्यापार, breakingnews, gallery 10:02 pm
इस रणनीति के तहत वह शहर गैस वितरण क्षेत्र में उतर सकती है.
ऑयल इंडिया के निदेशक ‘उत्खनन एवं विकास’ बैकुंठ नाथ तालुकदार ने कहा, 'हम उत्खनन क्षेत्र में कदम रखने के लिए सावधानी की नीति अपनाना चाहते हैं और सही जगह हाथ डालना चाहते हैं.
क्योंकि यह जोखिम भरा क्षेत्र है. जहां तक देश में उत्खनन कारोबार का सवाल है तो हम नेल्प के अगले दौर में चुनिंदा क्षेत्रों के लिए ही बोली लगाना चाहते हैं.’
कंपनी गैस-पाइप परिवहन बाजार में उतरने की तैयारी भी कर रही है, उसके पास पाइपलाइन और पाइपलाइन से गैस परिवहन की विशेषज्ञता पहले से है.
तालुकदार ने कहा, 'हम अपनी गैस की बिक्री सीधे उपभोक्ताओं को करना चाहेंगे. इसके लिए हम गैस विपणन कंपनियों से गठजोड़ कर सकते हैं.’
तालुकदार ने कहा कि विविधीकरण के लिए हमने शहर गैस वितरण तथा पाइप्ड गैस वितरण की संभावित क्षेत्रों के रूप में पहचान की है.
इसके अलावा हम शेल गैस ‘अवसादी चट्टानों से निकाली गयी गैस’ का भी दोहन करना चाहेंगे, क्योंकि प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ रहे हैं.
विदेशों में उत्खनन उद्यमों में कंपनी अपना ध्यान उन क्षेत्रों में केंद्रित करना चाहती है, जिनकी खोज पहले से हो चुकी है. पूर्व में कंपनी ने अपने अधिशेष कोष का 40 प्रतिशत उत्खनन गतिविधियों के लिए रखा था. अब यह आंकड़ा बढ़कर 52 प्रतिशत हो गया है.
तालुकदार ने हालांकि संकेत दिया कि विविधीकरण के मामले में कंपनी मजी मजाई रणनीति पर चलेगी और उन्हीं क्षेत्रों में हाथ डालेगी जिसकी उसे अच्छी जानकारी है.
ऑयल इंडिया ने नुमालीगढ़ रिफाइनरी में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था. साथ ही उसने पाइपलाइन में 23 फीसद हिस्सेदारी खरीदी थी, जिसके जरिये वह रिफाइनरी तक गैस पहुंचा रही है.
तालुकदार ने कहा, 'पाइपलाइन कारोबार काफी आकर्षक है. साथ ही इस क्षेत्र में हमें पहले से अनुभव है. हम डिब्रूगढ़ गैस कैकर संयंत्र में 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी के अधिग्रहण की योजना भी बना रहे हैं, जिससे हम गैस की आपूर्ति करेंगे.’
डिब्रूगढ़ संयंत्र की प्रवर्तक गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया ‘गेल’ है.