सिर्फ चौथी पास है "आचार्य" बालकृष्ण !, सीबीआई पूछताछ के बाद तनाव मे दिखे

आचार्य बालकृष्ण ने नेपाल में हुई चौथी कक्षा तक की शिक्षा के प्रमाण तो सीबीआई को दिए मगर उससे आगे की शिक्षा का प्रमाण नहीं दे पाए। अब सीबीआई इस बात की जांच में लगी है कि आचार्य कहीं सिर्फ चौथी पास ही तो नहीं हैं।

शुक्रवार को सीबीआई कार्यालय पहुंचे आचार्य से आठ घंटे तक पूछताछ की गई। वह आज भी बिना दस्तावेजों के ही आए थे। जबकि सीबीआई ने उनसे अपने शैक्षणिक और अन्य दस्तावेज लाने को विशेष तौर पर कहा था।

आचार्य के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें शनिवार को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है। सीबीआई का कहना है कि अगली पूछताछ के लिए बाद में नोटिस भेजा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि आठ अगस्त को आचार्य को फिर बुलाया जा सकता है।

शुक्रवार को हुई पूछताछ की प्रक्रिया में सीबीआई ने कुछ बदलाव किया। इस बार एफआरआई में दर्ज आरोपों से जुड़े हर एक सवाल को कई अधिकारियों ने अपने-अपने तरीके से पछे। सीबीआई इस नतीजे पर पहुंची है कि बालकृष्ण का सच क्या है और वे कितना झूठ बोल रहे हैं। पूछताछ के दौरान बालकृष्ण अपने ही बयानों में उलझ गए।

जब पढ़ाई के संबंध में पूछा गया तो वह चौथी से आगे की शिक्षा का प्रमाण नहीं दे पाए। उन्होंने पहली से चौथी कक्षा तक के कुछ सहपाठियों केनाम तो बताए मगर छठी से लेकर आठवीं और दसवीं से लेकर बीए तक की शिक्षा के दौरान एक भी सहपाठी का नाम नहीं बता पाए।

जिससे चौथी से आगे की पढ़ाई को सीबीआई संदेह की नजर से देख रही है। संदेह की एक और वजह यह हुई कि जब आचार्य से पूछा गया कि पढ़ाई के दौरान हॉस्टल में रहे या किराए के मकान में तो वे इसका जवाब नहीं दे पाए। सूत्रों की मानें तो आचार्य ने पूछताछ में यह भी कह दिया कि शिक्षा से जुड़ा कोई सवाल उनसे न किया जाए।

ऐसे सवालों के जवाब वह कोर्ट में देंगे। साथ ही आचार्य ने दावा किया है कि उनके पास ऐसे प्रमाण हैं जो सीबीआई के आरोपों का खंडन करते हैं। उस प्रमाण पत्र की सच्चाई के लिए सीबीआई दोबारा उन्हें बुलाएगी। इसके लिए विधिवत नोटिस भेजा जाएगा। जन्म के बारे में पूछे जाने पर आचार्य ने कहा कि वह हरिद्वार में ही पैदा हुए हैं। उस वक्त उनके माता-पिता जिस मकान में रहते थे उसका पता भी बताया। अपने जन्म के तीन गवाहों के नाम भी सीबीआई को दिए।

अब सीबीआई उन लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है जिन्होंने कभी न कभी आचार्य के शैक्षणिक दस्तावेजों को सत्यापित किया है। उनसे पूछताछ के आधार पर पता लगाया जाएगा कि क्या आचार्य के पास अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की मूल प्रति थी। सीबीआई अगली सुनवाई में उन्हें फिर अपने पूरे दस्तावेज लेकर आने को कहेगी। सूत्रों की मानें तो पूछताछ की विस्तृत रिपोर्ट देर रात उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही थी।

लेकिन नागरिकता और डिग्री से संबंधित साक्ष्यों पर मामला थोड़ा अटक गया है। बालकृष्ण ने प्रमाण पेश करने की बात कही है। वहीं आठ घंटे तक हुई पूछताछ के बाद जब बालकृष्ण बाहर निकले तो वह पहले दिन की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही तनाव में दिखाई दिए।

Posted by राजबीर सिंह at 11:27 pm.
 

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