उत्तराखंड में चार नये जिलों के गठन की घोषणा
उत्तराखंड, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 12:54 am
साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नया कानून लाने का आश्वासन भी दिया.
आजादी की 65वीं वषर्गांठ पर स्थानीय परेड ग्राउंड में सोमवार को तिरंगा फहराने के बाद अपने उद्बोधन में निशंक ने कहा कि राज्य में यमुनोत्री, कोटद्वार, डीडीहाट तथा रानीखेत नाम से चार नए जिले बनाये जायेंगे ताकि प्रशासन का कार्य बेहतर और अधिक सुचारू रूप से हो सके.
अब 17 ज़िले
निशंक की इस घोषणा के बाद अब उत्तराखंड में नये जिलों की संख्या 13 से बढ़कर 17 हो जायेगी. नये जिलों को कोटद्वार को पौड़ी से काटकर, यमुनोत्री को उत्तरकाशी से, डीडीहाट को पिथौरागढ और रानीखेत को अल्मोडा से काटकर बनाया जायेगा.
निशंक ने कहा कि प्रशासनिक चुस्ती के लिये छोटी प्रशासनिक इकाइयां अधिक बेहतर होती हैं इससे इलाके का विकास होता है तथा प्रशासन तक लोगों की पहुंच आसान होती है.
उन्होंने कहा कि नये जिले बनाने का कार्य यहीं खत्म नहीं होगा. ज़रूरत पड़ने पर और नये जिलों का गठन किया जा सकता है.
मुख्यमंत्री निशंक ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नया कानून बनायेगी. इसके लिये जल्द ही विधान सभा में विधेयक पेश किया जायेगा.
निशंक ने इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों के पेंशन को वर्तमान 6000 रूपये बढाकर 11 हजार एक सौ रूपये करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी लोगों का अटल स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीमा कराया जायेगा.
अरहर की खेती को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि अरहर दाल की खेती को एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में करने का लक्ष्य रखा गया है और इससे एक लाख किसानों को लाभ होगा. अरहर उत्पादकों को बीज पर 50 फीसदी का अनुदान दिया जायेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सड़ी हुई सब्जियों से खाद बनाने की योजना है. इससे रोज 15 मीट्रिक टन खाद का उत्पादन होगा.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पूरे देश में शिक्षा के केन्द्र के रूप में उभर रहा है. यहां व्यवसायिक शिक्षा सहित अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.
उन्होंने राज्य में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को 3000 रूपये से बढ़ाकर 3500 रूपये करने की घोषणा की.
निशंक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े होने के कारण उत्तराखंड एक संवेदनशील राज्य है. इस राज्य के लोगों ने हमेशा देश की सुरक्षा के लिये अपने जीवन का बलिदान दिया है. आजादी के बाद से अब तक एक हजार से भी अधिक सैनिकों को उनकी बहादुरी के लिये पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है.
राजभवन में तिरंगा
राज्यपाल माग्रेट आल्वा ने राजभवन में तिरंगा फहराकर महात्मा गांधी सहित अन्य सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया. इस अवसर पर राजभवन के अधिकारी तथा कई कर्मचारी भी उपस्थित थे.
राज्य के विभिन्न सरकारी संस्थानों, स्कूलों, विविद्यालयों तथा अन्य संस्थानों में भी तिरंगा फहराकर लोगों ने आजादी का जश्न मनाया.
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी. राज्य के प्रत्येक जिले के पुलिस अधीक्षकों को आज कड़ी निगरानी रखने के लिये विशेष निर्देश दिये गये थे.
देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी, ओएनजीसी, वन अनुसंधान संस्थान सहित अन्य स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रखी गयी.
सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सादे वेश में पुलिसकर्मियों को निगरानी के लिये तैनात किया गया था. राज्य के किसी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.