उत्तराखंड में वर्षा के कारण चारधाम मार्ग बुधवार को भी बाधित
उत्तराखंड, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 8:53 am
यह लगातार तीसरा दिन है जब यह यात्रा बाधित रही. इसके चलते यात्रियों को बेहद परेशानी का सामना करना पडा.
चारों धामों के मार्ग पर कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गयी.
आधिकारिक सूत्रों ने देहरादून में बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई वर्षा से बदहाली की स्थिति बनी हुई है. राज्य में इस वर्ष मॉनसून के दौरान जारी वष्रा से अब तक पांच महिलाओं सहित 19 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है.
सूत्रों ने बताया कि उत्तरकाशी जिले के कुठनौर के पास पहाड़ी से सड़क पर मलबा आने से ऋषिकेश-यमुनोत्री मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करना पडा, जिससे मार्ग के दोनों ओर सैकडों वाहन तथा यात्री फंसे रहे.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इसी तरह हिन्दुओं के सर्वोच्च तीर्थ बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर सिरोबगड़ के पास बुधवार को भारी मलबा आने से दोनों धामों को जाने के लिये तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पडा. मार्ग को फिलहाल बंद करना पड़ा, जिससे भारी तादाद में यात्री फंसे हुये हैं.
मलबा हटाने का काम जारी
सूत्रों के अनुसार, दोनों मार्गों पर लगातार मलबे को साफ करने का कार्य किया जा रहा है और संभावना है कि जल्द ही यातायात चालू हो जायेगा.
सूत्रों ने बताया कि वर्षा के चलते उत्तरकाशी जिले में सैंज के पास बुधवार को लगातार दूसरे दिन पहाडी से आये मलबे के चलते ऋकेश-गंगोत्री मार्ग को भी बंद करना पडा. इस मार्ग पर यात्री और वाहन फंसे हुये हैं.
सूत्रों के अनुसार इसी तरह सिरोबगड़ के पास पहाड़ी से आये मलबे के चलते केदारनाथ मार्ग को बंद किया गया. श्रावण मास के अंतिम सप्ताह के चलते केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की संख्या में ज़बर्दस्त बढोत्तरी देखी गयी.
सूत्रों ने बताया कि राज्य में मुख्य मार्गों को छोड़कर करीब 45 की संख्या में संपर्क मार्गों पर भी मलबा आने से इन पर यातायात अभी भी बंद है.
छुट्टियां रद्द
राज्य में इस वर्ष जारी वर्षा के चलते के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आपदा राहत से संबधित कर्मचारियों की छुट्टियों को रद्द करने का निर्देश पहले ही दे दिया है. जिला प्रशासन, चिकित्सा, बिजली, पेयजल, पुलिस, तथा लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को छुट्टियों पर अभी भी रोक जारी है.
राज्य के विभिन्न हिस्सों में इस वर्ष मॉनसून के दौरान हुई भारी वष्रा के से आम जनजीवन अस्त व्यस्त है. अब तक पांच महिलाओं सहित 19 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है.
विभिन्न संपर्क मागरें के अवरूद्ध हो जाने के चलते यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड रही है. बंद
पड़े मार्गों पर मलबे को साफ कराने के लिये कार्य जारी है. जगह जगह सड़क साफ करने वाली मशीनें लगायी गयी हैं तथा कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है.
सूत्रों ने बताया कि विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मलबे को जल्द से जल्द साफ कर वाहनों को आने जाने के लिये खोल दिया जाये. हालांकि, वर्षा के चलते मार्गों को साफ करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
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