अन्ना हजारे ने पुलिस हिरासत में ही शुरू किया अनशन
ताजा खबरें, देश-विदेश, राजनीति 1:11 am
इस बीच पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.
टीम अन्ना ने पूर्व नियोजित कार्यक्रम के मुताबिक मंगलवार सुबह जेपी पार्क में अनशन शुरू करने की योजना बनाई थी लेकिन सुबह अन्ना हजारे जैसे ही मूयर विहार स्थित अपने आवास से बाहर निकले दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया.
इसके बाद नाटकीय घटनाक्रम में उन्हें अलीपुर स्थित ऑफिसर्स मेस ले जाया गया और पुलिसवालों ने मीडियाकर्मियों को रास्ते में ही रोक लिया.
मेस में पहले से ही मजिस्ट्रेट मौजूद थे. वहां से उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. लेकिन अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि उन्हें कितने दिनों के लिए
न्यायिक हिरासत में रखा गया है और अगली सुनवाई कहां और किस अदालत में होगी.
लेकिन अन्ना ने हिरासत में लिए जाने से पहले ही एक संदेश दिया और स्पष्ट कर दिया कि चाहे वे जहां भी रहें उनका अनशन जारी रहेगा.
उनकी गिरफ़्तारी के बाद किरण बेदी को राजघाट से हिरासत में लिया गया और उसके थोड़ी देर बाद ही शांतिभूषण भी हिरासत में ले लिए गए.
देश भर में प्रदर्शन
जैसे ही अन्ना की गिरफ़्तारी की ख़बर फैली राजनीतिक गलियारों से लेकर छोटे शहरों तक में अजीबोगरीब दृश्य देखने को मिला.
पटना, लखनऊ, जयपुर, रांची, कानपुर जैसे शहरों में भ्रष्टाचार विरोधी लहर फैल गई है और लोग सड़कों पर ऊतर आए हैं.
टीम अन्ना के मुख्य सहयोगी और कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त एन संतोष हेगड़े बंगलौर में अनशन पर बैठ गए हैं. उन्होंने अन्ना की गिरफ़्तारी को तानाशाही बताते हुए जंग जारी रखने का ऐलान किया है.
इस बीच शैक्षणिक संस्थानों में भी अन्ना के समर्थन में छात्र सड़कों पर निकलने लगे हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने माल रोड जाम कर दिया और
रैली निकाली है.
मुंबई में आजाद मैदान की तरफ़ लोग बढ़ रहे हैं. बड़ी संख्या में लोग लोकल ट्रेनों से आजाद मैदान की ओर जा रहे हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट के बाहर वकीलों ने अन्ना के समर्थन में ज़ोरदार प्रदर्शन किया है.
संसद भी ठप्प
जैसे ही संसद की कार्यवाही शुरू हुई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रश्नकाल स्थगित कर अन्ना के मसले पर बहस कराने की मांग की. लोकसभा में सुषमा स्वराज और राज्यसभा में अरुण जेटली ने ये मुद्दा उठाया.
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सुषमा को इजाज़त दे भी दी लेकिन संसदीय कार्यमंत्री ने इस पर ऐतराज़ जताया. भाजपा के अलावा अन्य दलों ने भी
अन्ना हजारे की गिरफ़्तारी के फैसले का विरोध किया. इसके बाद कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मौजूदा हालात की तुलना इमरजेंसी से की है जिस पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज़ जताया.
कांग्रेस की नेता अंबिका सोनी ने कहा है कि क़ानून तोड़ने की इजाज़त किसी को नहीं मिल सकती और इसी ज़ुर्म में अन्ना को हिरासत में लिया गया. कांग्रेस ने भाजपा पर अन्ना की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगाया है.