अन्ना हजारे और उनके समर्थकों की सुरक्षा बढ़ाई गयी

दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे अन्ना हजारे और उनके समर्थकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

मैदान के आसपास सुरक्षाकर्मियों की संख्या लगभग दोगुनी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस के 60 से अधिक जवानों को हजारे के मंच के आसपास तैनात किया गया है.



यहां दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के लगभग 500 जवानों की तैनाती की गई है. पुलिस ने मैदान में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं.



एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया,हमने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं. हमारे जवान हर पल मुस्तैद हैं.

लोकपाल बिल को लेकर अन्ना पक्ष और सरकार के बीच मंगलवार को हुई बैठक के पश्चात् अभी भी तीन मुद्दो पर मतभेद बरकरार है.

लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार की ओर से केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी को वार्ताकार नियुक्त किया गया.



प्रणब के साथ लगभग तीन घंटे तक संसद के नॉर्थ ब्लाक में चली बातचीत के बाद अन्ना हजारे पक्ष ने मंगलवार रात दावा किया कि सरकार को प्रधानमंत्री पद को लोकपाल के दायरे में लाने पर कोई आपत्ति नहीं है.

लेकिन जन लोकपाल विधेयक के तीन मुद्दों पर सरकार ने हजारे पक्ष से सुबह तक का समय मांगा है.



अन्ना हजारे ने समर्थकों से कहा है कि सरकार उन्हें ज़बरदस्ती रामलीला मैदान से हटाए तो वे गेट पर खड़े हो जाएं.



पल-पल बदलते घटनाक्रम के बीच अन्ना हजारे ने अनशन तोड़ने का प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का प्रस्ताव ठुकरा दिया है.



अनशन स्थल रामलीला मैदान से समर्थकों को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि चाहे वह मर जाएं पर अनशन नहीं तोड़ेंगे.



इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक पत्र लिखकर गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से अपील की थी कि वे आठ दिनों से जारी अनशन ख़त्म कर दें.



मनमोहन सिंह ने उन्हें पत्र में आश्वासन दिया था कि वे लोकसभा के अध्यक्ष की अनुमति मिलने पर टीम अन्ना के जनलोकपाल विधेयक को संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेश कर देंगे.

Posted by राजबीर सिंह at 11:01 pm.
 

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