उत्तर प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
उत्तर प्रदेश, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 9:23 pm
केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर फर्रुखाबाद, गुमटिया ‘कन्नौज’, अंकिनघाट और कानपुर के साथ-साथ डलमऊ ‘रायबरेली’ में खतरे के निशान से ऊपर है.
इसके अलावा बलिया में भी इस नदी का जलस्तर लाल चिह्न से ऊपर बना हुआ है.
घाघरा एल्गिनब्रिज ‘बाराबंकी’, अयोध्या तथा तुर्तीपार ‘बलिया’ में, शारदा पलियाकलां में, रामगंगा डाबरी ‘शाहजहांपुर’ में, यमुना मथुरा में और क्वानो चंद्रदीपघाट ‘गोंडा’ में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
रामगंगा का जलस्तर मुरादाबाद और बरेली में, यमुना का जलस्तर मावी में और सई का जलस्तर बनी ‘लखनऊ’ में खतरे के निशान के नजदीक पहुंच चुका है. इसके अलावा राप्ती बर्डघाट में और रोहिन त्रिमोहानीघाट में लाल चिह्न के आसपास बह रही है.
नदियों के उफान के चलते प्रभावित जिलों के सैकड़ों गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ से प्रदेश में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और सैकड़ों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है.
इस बीच, मौसम विभाग के सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हुई.
पिछले 24 घंटे में अमरोहा में पांच सेंमी., चोपन तथा अलीगढ़ में तीन-तीन सेंमी जबकि घाटमपुर, एल्गिनब्रिज, मेरठ, चिल्लाघाट, बिलारी तथा देवबंद में दो-दो सेंमी वर्षा रिकार्ड की गई.
अगले 24 घंटे के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है.