समय सीमा समाप्त होने के बाद नोएडा प्राधिकरण भूमि विवाद पर असमंजस!

भूमि विवाद निपटाने के लिए हाईकोर्ट की नोएडा प्राधिकरण को दी समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो गयी है.

अदालत ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बातचीत से मामला सुलझाने के लिए 12 अगस्त तक का समय दिया था. मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होनी है.



कोर्ट के आदेश के बाद केवल पतवारी गांव के किसानों और अथॉरिटी के बीच समझौता हो पाया है. लेकिन बाकी गंवों के किसानों के बीच अभी कोई समझौता नहीं हुआ है. ऐसे में विवाद गहराता जा रहा है.

पतवारी गांव के किसानों के साथ हुए समझौते के तहत किसानों को दिए जाने वाले मुआवज़े की रकम बढ़ा दी गई. ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने मुआवज़े की राशि 550 रुपए से बढ़कार 1400 रुपए प्रति वर्ग मीटर कर दी थी. इसके अलावा किसानों को आठ फीसदी विकसित ज़मीन, भूमिहीन किसानों को 40 मीटर का प्लॉट और अन्य सुविधाएं देने की बात कही थी.

गांव के करीब 1400 में करीब 600 किसानों ने इसे स्वीकार कर लिया और गुरुवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए. पतवारी गांव के किसानों में अथॉरिटी के चेक लेने की होड़ सी लग गई. गौतम बुद्ध नगर के सांसद सुरेन्द्र सिंह नागर ने बताया, 'पतवारी गांव के 1400 में से तकरीबन 600 किसानों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए और बढ़े हुए मुआवजे के चेक लिए.'

लेकिन अभी भी इस गांव के तकरीबन 800 किसान ऐसे हैं जिन्होंने बढ़ी हुई राशि का चेक नहीं लिया है.

इस बीच नोएडा एक्सटेंशन के 11 गांवों के किसानों ने 15 अगस्त को बिसरख गांव में महापंचायत बुलाई है जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा.

मालूम हो नोएडा एक्सटेंशन अपार्टमेंट के निर्माण के लिए इन किसानों की जमीन ली गई थी. इस विवादित भूमि पर कई बिल्डर रिहाइशी मकान बना रहे हैं या फिर बनाने की योजना बना चुके हैं. हजारों ग्राहकों ने इन मकानों की बुकिंग करा रखी है. विवाद की वजह से कई लोगों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.



लागू हुआ नया भूमि संशोधन कानून

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बृहस्पतिवार को भूमि संशोधन विधेयक पारित कर दिया गया.



प्रदेश में अब कोई व्यक्ति राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहीत भूमि की वापसी के लिए कोई दावा नहीं कर पाएगा. भले ही वह भूमि कितने भी समय तक खाली पड़ी रहे.



प्रदेश में अब तक लागू कानून में प्रावधान है कि यदि राज्य सरकार किसी भूमि के अधिग्रहण की तारीख से पांच साल के भीतर उसका उपयोग नहीं कर लेती और जमीन खाली पड़ी रहती है तो उसका पूर्व स्वामी राज्य सरकार से कतिपय शर्तों के साथ वह भू-भाग वापस पाने की मांग कर सकता था.

Posted by राजबीर सिंह at 9:37 pm.
 

dailyvid

FLICKR PHOTO STREAM

2010-2011 आवाज़ इंडिया मीडिया प्रॉडक्शन. All Rights Reserved. - Designed by Gajender Singh