अन्ना की मिली 3 दिन का अनशन करने की इजाजत
ताजा खबरें, देश-विदेश 4:59 am
दो दिन की भागदौड़ के बाद भी अनशन की जगह पर बना हुआ है सस्पेंस। आखिर कहां होगा भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा जन आंदोलन।
आज पूरा देश इस सवाल का जवाब चाहता है लेकिन सरकार इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से बच रही है। दो दिन तक टीम अन्ना को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर दौड़ाने के बाद सीपीडब्लूडी ने उन्हें वहीं भेज दिया जहां से वो चले थे।
शुक्रवार देर रात अन्ना को जेपी पार्क में अनशन की इजाजत मिली लेकिन दिल्ली पुलिस उनके सामने एक शर्त रखी दी। शर्त ये कि अन्ना का अनशन तीन दिन में खत्म हो जाएगा। पुलिस का कहना था कि सीपीडब्लूडी ने जेपी पार्क में अनशन के लिए सिर्फ दो दिन की इजाजत दी है। लेकिन दिल्ली पुलिस इसे एक दिन और बढ़ा सकती है। इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस ने टीम अन्ना से इसकी लिखित गारंटी भी मांगी है।
अन्ना की टीम दिल्ली पुलिस के इस रवैये से नाराज है। पूरा देश जानता है कि अन्ना हजारे ने सरकारी लोकपाल बिल के खिलाफ बेमियादी अनशन का ऐलान किया है। ऐसे में इस सशर्त इजाजत ने सरकार के रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार अन्ना हजारे के साथ अन्याय क्यों कर रही है? क्या सरकार अन्ना को मिल रहे जनसमर्थन से घबरा गई है? क्या सरकार को डर है कि अन्ना का बेमियादी अनशन उसकी गद्दी हिला देगा?
इससे पहले अप्रैल में जब अन्ना ने अनशन शुरू किया था तो उन्हें जंतर-मंतर पर इजाजत मिलने में कोई दिक्कत नहीं आई थी लेकिन अन्ना के समर्थन में जुटी भीड़ ने सरकार को हैरान कर दिया। लोकपाल बिल के मुद्दे पर सरकार को अन्ना के आगे झुकना पड़ा था इसलिए सरकार पहले वाली गलती दोहराना नहीं चाहती।
यही वजह है कि सरकार कभी दिल्ली पुलिस तो कभी सीपीडब्लूडी तो कभी दिल्ली के उप राज्यपाल के कंधे पर बंदूक रखकर अन्ना के अनशन को कुचलने की कोशिश में जुटी है।