13 अगस्त को समाप्त सप्ताह में महंगाई दर बढ़कर 9.80 फीसद हुई

महंगाई दर 13 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान एक बार फिर दहाई अंक की ओर बढ़ते हुए 9.80 फीसद हो गई.



खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में यह बढ़ोतरी खास कर प्याज, टमाटर, फल एवं दूध, अंडा और मछली जैसे प्रोटीन के सोत वाली चीजों की कीमतों के दबाव के कारण हुई.



थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित खाद्यस्फीति इससे पिछले सप्ताह 9.03 फीसद पर थी. एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में खाद्यस्फीति 14.56 फीसद थी.



सरकार द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक आलोच्य सप्ताह के दौरान प्याज की औसत कीमत सालाना स्तर पर 44.42 फीसद आैर आलू की 16.39 फीसद ऊंची थी.



तेरह अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान अंडा सालाना आधार पर 27.01 फीसद तथा मांस आैर मछली की कीमतें 13.37 फीसद ऊंची रहीं.



दूध भी वार्षिक आधार पर 9.51 फीसद मंहगा रहा. सब्जियों की कीमत 6.52 फीसद और अनाज के दाम पिछले साल इसी समय की तुलना में 5.22 फीसद ऊंचे रहे.



हालांकि दाल पिछले साल की तुलना में 5.56 फीसद और गेहूं 2.80 फीसद सस्ता हुआ है.



कुल मिला कर प्राथमिक वस्तुएं के थोक मूल्य सूंचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति 13 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 12.40 फीसद रही. इससे पिछले सप्ताह यह आंकड़ा 11.64 फीसद था.



डब्ल्यूपीआई में प्राथमिक उत्पादों का भारांश 20 फीसद है.



गैर खाद्य उत्पादों की मुद्रास्फीति 17.80 फीसद रही जबकि पिछले सप्ताह यह 16.07 फीसद थी. इन उत्पादों में फाईबर, तिलहन और खनिज शामिल हैं.



इसी दौरान ईंधन और बिजली वर्ग की मुद्रास्फीति 13 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान भी इससे पिछले हफ्ते की तरह 13.13 फीसद पर बनी रही.



प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कल भरोसा जताया था कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक प्रमुख मुद्रास्फीति घटकर छह फीसद पर जाएगी.

प्रधानमंत्री ने अपने यहां कल आयोजित इफ्तार दावत में कहा '' मैं भविष्यवक्ता नहीं हूं लेकिन विश्लेषकों ने कहा है कि इस साल के अंत तक मुद्रास्फीति छह फीसद पर जाएगी."



सामान्य मुद्रास्फीति जून में 9.22 फीसद पर थी. इसमें खाद्य पदार्थों के अलावा विनिर्मित उत्पाद, ईंधन और गैर खाद्य प्राथमिक उत्पाद शामिल होते हैं.



रिजर्व बैंक ने मांग कम करने और मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए मार्च 2010 से अब तक 11 बाद ब्याज दरें बढ़ाई हैं.



आरबीआई और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने अनुमान जाहिर किया है कि अक्तूबर तक प्रमुख मुद्रास्फीति उच्च स्तर पर नौ फीसद के करीब बनी रहेगी.



पिछले साल खाद्यस्फीति ज्यादातर दोहरे अंकों में बनी रही.



मध्य जुलाई में खाद्यस्फीति 7.33 फीसद रही और जुलाई के अंत में यह साढ़े चार महीने के उच्चतम स्तर 9.90 फीसद पर पहुंच गई..



पिछले कुछ हफ्तों में खाद्य पदार्थों की कीमत बहुत ऊंची रही.



पीएमईएसी ने इस महीने जारी वर्ष 2011-12 के आर्थिक दृष्टिकोण में कहा कि हाल के महीनों में खाद्यस्फीति से दबाव कम हुआ है लेकिन मंहगाई दर लगातार ऊंची बनी हुई है और संभव है कि आने वाले सप्ताह में और बढ़ेगी.

Posted by राजबीर सिंह at 10:59 pm.
 

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