हीरे में छिपे हैं धरती पर हुए हलचल के सुराग

हीरे में पाई जाने वाली अशुद्धियां में धरती पर हुए हलचल के सुराग छिपे हैं.

जौहरी अशुद्ध हीरे को भले ही हिकारत की नजर से देखते पर वैज्ञानिकों ने दावा किया कि ऐसे हीरों में अतीत में धरती पर हुए हलचल के सुराग छिपे हैं.

शोधकर्ताओं ने 4000 से अधिक अशुद्ध हीरों के विश्लेषण के आधार पर पाया कि तीन अरब साल पहले जब तथाकथित विल्सन चक्र की शुरुआत हुई.

तब महाद्वीपों के टूटकर अलग होने, बहने और एक दूसरे से टकराने की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई थी.

कार्नेगी संस्थान के वैज्ञानिक स्टीवन शिरे ने कहा, महाद्वीपीय पटल और बनावट जो आज हम देखते हैं, उसके विकास के लिए विल्सन चक्र जिम्मेदार है.

साइंस पत्रिका के मुताबिक शिरे ने कहा, लेकिन यह कब हुआ, इसका पता नहीं चल पाया है.

हीरे में पाई जाने वाली अशुद्धियां या अन्य मिलावट एक ऐसे कैप्सूल की तरह हैं.

जिनमें महाद्वीपों के नीचे अतल गहराइयों में हुए हलचल के बारे में काफी जानकारी कैद है.

Posted by राजबीर सिंह at 8:15 pm.
 

dailyvid

FLICKR PHOTO STREAM

2010-2011 आवाज़ इंडिया मीडिया प्रॉडक्शन. All Rights Reserved. - Designed by Gajender Singh