अन्ना हज़ारे ने लोकसभा में पेश लोकपाल विधेयक की प्रतियां जलाईं
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हज़ारे और उनके समर्थकों ने लोकसभा में विधेयक पेश होने के बाद गुरुवार दोपहर को महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धी में विधेयक की प्रतियां जलायीं. हज़ारे ने कहा कि वह 16 अगस्त से अनशन करेंगे.
उन्होंने कहा कि यह एक खराब और कमजोर विधेयक है. हमें मजबूत और नए विधेयक की जरूरत है. जब सरकार ने कहा कि वह मजबूत कानून बनायेंगे तो मैंने अप्रैल में अपना अनशन समाप्त कर दिया था. उन्होंने मुझे धोखा दिया. लेकिन 16 अगस्त से शुरू होने वाले आंदोलन के बाद मैं कुछ आश्वासनों पर अपना अनशन वापस नहीं लूंगा. हम मजबूत विधेयक चाहते हैं.
हज़ारे ने रालेगण सिद्धी में कहा कि देश से भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने का यही एक मौका है और पूरे देश में इस विधेयक का विरोध होना चाहिये ताकि इसके बदले मजबूत विधेयक आ सके.
गांधीवादी कार्यकर्ता ने दावा किया कि अगर अप्रैल में तीन और दिन तक उनका अनशन जारी रहता को सरकार गिर जाती. सरकार को अनशन या विरोध प्रदर्शन से डर नहीं लगता, बल्कि उसे जनता आवाज की डर से लगता है. उन्होंने कहा कि उनका विरोध सरकार बदलने के लिये नहीं, बल्कि व्यवस्था बदलने के लिए है.
इस बीच गाजियाबाद में हज़ारे के साथी कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और किरण बेदी ने भी सरकार के विधेयक पर विरोध जताया. केजरीवाल ने कहा कि यह विधेयक गरीब विरोधी और दलित विरोधी है. इस विधेयक से गरीब आम आदमी को भ्रष्टाचार से निपटने में मदद नहीं मिलेगी.
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कमज़ोर लोकपाल विधेयक लाकर सरकार देशवासियों को चुनौती दे रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपेक्षा थी कि सरकार मजबूत विधेयक लायेगी लेकिन हमारे साथ धोखा हुआ.
विधेयक पर स्थायी समिति में चर्चा होने की बात को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि समिति प्रावधानों को बदल नहीं सकती, सिर्फ उस पर अपने सुझाव दे सकती है.
भूषण और बेदी ने कहा कि वे भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिये स्वतंत्र एजेंसी की मांग कर रहे हैं. हज़ारे पक्ष द्वारा गुरुवार को जंतर मंतर, शकरपुर, रिठाला, शास्त्री नगर, दादरी और ग्रेटर नोएडा में भी सरकारी विधेयक की प्रतियां जलाई गईं.