अन्ना हजारे के समर्थन में संयुक्त राष्ट्र के बाहर भारतीयों ने किया प्रदर्शन
ताजा खबरें, देश-विदेश 8:54 pm
अन्ना हजारे के आंदोलन के समर्थन में ‘इंडिया अगेन्स्ट करप्शन’ (आईएसी) के सदस्यों ने न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र की इमारत के बाहर प्रदर्शन किया.इन लोगों ने यह भी कहा कि लोकपाल विधेयक के लिए भारत सरकार का प्रारूप केवल ‘मजाक’ है और यह भ्रष्ट लोगों को बचाने के लिए है.
आईएसी के करीब 30 से 40 सदस्यों ने लोकपाल विधेयक के लिए सरकार द्वारा तैयार किए गए प्रारूप की प्रतियां फाड़ीं और नारे लगाए. ये लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना के अभियान की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकृष्ट करना चाहते थे. प्रदर्शनकारियों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.
आईएसी के एक स्वयंसेवक आशिम जैन ने कहा कि भारत ने इस साल मई में भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की संधि का अनुमोदन कर दिया है लेकिन वह इसका पालन नहीं कर रहा है और यह बात विश्व संस्था को पता होनी चाहिए.जैन ने कहा कि प्रारूप में यूएनसीएसी के कई मूलभूत पक्षों का अभाव है.
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल रित देने तक ही सीमित नहीं है. इसका असर राष्ट्र के विकास और वृद्धि पर पड़ता है क्योंकि गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुधार, शिक्षा और ढांचागत सुविधाओं के लिए दिया जाने वाला धन भ्रष्ट सरकारी प्रशासकों तथा राजनीतिज्ञों की जेब में चला जाता है और वह लोग भ्रष्टाचार निरोधक प्रभावी कानून के अभाव में फलते फूलते रहते हैं.
अन्ना समर्थकों ने कागज से बनी ‘अन्ना टोपियां’ लगाई थीं और सफेद टीशर्ट पहनी थी, जिस पर लिखा था ‘मैं इंडिया अगेन्स्ट करप्शन का समर्थक हूं.’
भारतीय तिरंगा लहराते हुए प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां ले रखी थीं जिन पर लिखा था ‘भ्रष्टाचारियों को जेल भेजो’, ‘भारत सरकार का लोकपाल विधेयक एक मजाक है’, ‘सत्ता का दुरूपयोग बंद करो’ और ‘लोकपाल ‘जोकपाल’ है.’ प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला.
प्रदर्शन में भाग लेने के लिए न्यूजर्सी से आए पार्थ तुरागा ने कहा कि दुनियाभर में भारतीय अन्ना के आंदोलन के लिए एकजुट हैं.
पार्थ ने कहा हम अन्ना के साथ हैं जो हमारा विनाश करने वाली नीतियों के खिलाफ लड़ाई के प्रतीक हैं. हम एक अच्छा विधेयक चाहते हैं जिससे देश और आम आदमी को लाभ मिले.
उन्होंने कहा कि आईएसी तब तक विरोध-प्रदर्शन करता रहेगा, जब तक भारत सरकार अन्ना की मांगें नहीं मान लेती.
उन्होंने कहा कि एडिसन के समीप निकाली जाने वाली, भारतीय स्वंतत्रता दिवस की परेड में भी आईएसी शामिल होगा और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के लिए अपना समर्थन जाहिर करेगा.
प्रदर्शन में भाग लेने के लिए शिकागो से सपरिवार आए मोहन राज तिरूमलाई ने कहा कि भारत में भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कानूनी उपाय नहीं है. ‘वर्तमान लोकपाल विधेयक केवल एक दिखावा है.’ वास्तव में यह भ्रष्ट लोगों को बचाएगा, देश के आम लोगों की मदद नहीं करेगा.
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लोकपाल विधेयक को कानून नहीं बनाया जाना चाहिए क्योंकि इससे आम नागरिक को कोई सुरक्षा नहीं मिलने वाली है. भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा के बारे में भी इसमें कुछ नहीं कहा गया है.
यूएनसीएसी के मानकों और प्रस्तावित विधेयक में अंतर बताते हुए तिरूमलाई ने कहा कि सरकार का प्रारूप उस नागरिक के लिए कड़े दंड का प्रावधान करता है जो भ्रष्ट लोक सेवक के खिलाफ अपनी शिकायत साबित करने में असमर्थ है.
उन्होंने कहा कि प्रारूप ऐसा है जिससे भ्रष्ट लोगों को सुरक्षा मिलेगी और इसके दायरे से प्रधानमंत्री, संसद सदस्यों तथा कई अन्य अधिकारियों को बाहर रखा गया है.
अन्ना हजारे लोकपाल विधेयक को लेकर 16 अगस्त को एक बार फिर अनशन शुरू करेंगे. उन्होंने कहा है कि यदि अनशन से पहले या अनशन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो वह पानी भी त्याग देंगे.