अब संभव नहीं होगा वेबसाइटों पर प्रतिबन्ध लगाना
ताजा खबरें, विज्ञान 6:23 pm
निश्चय ही इस खोज से सरकार द्वारा इंटरनेट सेंसरशिप की कवायद बेकार साबित होगी.
टेलेक्स नाम के इस तंत्र को मिशिगन (अमेरिका) और वाटरलू (कनाडा) विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है.
अनुसंधानकर्ताओं में से एक जे. एलेक्स हैल्डरमैन ने बताया, दमनकारी सरकारों द्वारा आक्रामक तरीके से इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं.
हम लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचनाओं तक पहुंचने की क्षमता में वृद्धि कर रहे हैं.
मिशिगन के एक बयान में बताया गया कि वर्तमान सेंसरशिप का मुकाबला करने के लिए छद्म सर्वर का सहारा लिया जाता है लेकिन सेंसर छद्म सर्वर की विषयवस्तु की निगरानी कर सकता है और उस पर रोक लगा सकता है.
हैल्डरमैन ने बताया कि इस साफ्टवेयर को वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है या अपने दोस्त से उधार लिया जा सकता है.
इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) जिस देश में प्रतिबंध लागू है, उसके बाहर उपकरण स्थापित करते हैं जिसे टेलेक्स स्टेशन कहा जाता है.
जब प्रयोगकर्ता को प्रतिबंधित वेबसाइट पर जाना होता है तब वह किसी दूसरी साइट पर जाता है.
इसे टेलेक्स साफ्टवेयर चिन्हित कर लेता है और विभिन्न मार्गों द्वारा टेलेक्स स्टेशन से सम्पर्क स्थापित करता है.
इस आविष्कार को शुक्रवार को सैन फ्रांसिस्को में आयोजित ‘यूएसईएनआईएक्स' सेमिनार में प्रस्तुत किया जाएगा.