लोकपाल विधेयकपर नियम 184 की बजाय 193 के तहत चर्चा संभव

संसद में नियम 193 के तहत नोटिस दिया जा सकता है इस पर वोटिंग नहीं हो सकती.

इस नियम के तहत वोटिंग का प्रावधान नहीं है.

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सांसद संजय निरुपम, जगदम्बिका पाल और अनु टंडन ने यह नोटिस लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को दिया.



इस बीच टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल व प्रशांत भूषण, अन्ना हजारे की एक चिट्ठी लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने जाएंगे.

गौरतलब है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से पहले टीम अन्ना से अनशन खत्म करने के बारे में आश्वासन चाहती थी. लेकिन अभी तक इस चिट्ठी में क्या है यह उजागर नहीं किया गया है.



इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री पवन बंसल ने शुक्रवार सुबह कहा था कि अभी तय नहीं हुआ है कि आज बहस होगी या नहीं. उन्होंने कहा कि आज लोकपाल पर चर्चा होने की उम्मीद कम ही है.



संसद में चर्चा नियम 184 के तहत कराई जाएगी, जिसके तहत मतदान का भी प्रावधान है.



सूत्रों के मुताबिक लोकपाल विधेयक, हजारे पक्ष की ओर से पेश किए गए जनलोकपाल विधेयक और सामाजिक कार्यकर्ता अरूणा राय और जयप्रकाश नारायण द्वारा तैयार किए गए मसौदे पर संयुक्त रूप से चर्चा के लिए एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा.



कामकाज से संबंधित अन्य संसदीय नियमों की तरह ही नियम 184 लोकसभा का हिस्सा है इसमें अंतर सिर्फ इतना है कि इसमें चर्चा हो जाने के बाद मतदान का प्रावधान है.



ये बात अहम है कि इस मतदान में हार से सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता है और सरकार के वज़ूद पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है.



इस नियम के तहत चर्चा करने की कुछ शर्तें होती हैं---



जैसे कि यह बहस किसी एक मुद्दे पर ही होगी.



अपमानसूचक अथवा व्यंग्यात्मक लहजे का इस्तेमाल निषिद्ध होगा.



अदालत में विचाराधीन मामलों पर बहस नहीं होगी.



संसदीय समिति के अधीन मामले भी इस नियम के तहत नहीं लाए जा सकते.



लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति से संसद सदस्य इस चर्चा में हिस्सा लेते हैं.



इस संबंध में फैसला सरकार के भीतर हुई चर्चाओं और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल और विधि मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ हुई बातचीत के बाद किया गया.

Posted by राजबीर सिंह at 11:14 pm.
 

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